राजिम:- चाय पीने वालों के लिए यह किसी एनर्जी ड्रिंक से कम नहीं है। इसे दुनियाभर में सबसे ज्यादा पीने वाला पेय पदार्थ माना जाता है। वहीं, सर्दियों के दिनों में चाय किसी औषधि से कम नहीं है। चाय का वैज्ञानिक नाम कैमेलिया कैमेलिया साइनेंसिस है। इसमें कई औषधीय तत्व मौजूद हैं, जो कैंसर, हृदय रोग, गठिया और मधुमेह के जोखिम को कम कर सकते हैं । चाय के अधिक सेवन के कारण कैफीन के नकारात्मक परिणाम भी सामने आ सकते हैं। साथ ही यह भी ध्यान रखना होगा कि चाय को किसी समस्या का पूर्ण उपचार नहीं कहा जा सकता है। किसी भी समस्या का पूर्ण इलाज डॉक्टरी परामर्श पर ही निर्भर करता है।

चाय के फायदे-कैंसर से बचाव में चाय कुछ हद तक फायदेमंद साबित हो सकती है। दरअसल, चाय में पॉलीफेनॉल्स पाए जाते हैं, जो ट्यूमर कोशिकाओं को फैलने से रोक सकते हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर इसी संबंध में कई शोध उपलब्ध हैं। इनके अनुसार, ग्रीन टी ग्लूटाथियोन एस-ट्रांसफरेज और क्विनोन रिडक्टेस जैसे डिटॉक्सिफिकेशन एंजाइम को सक्रिय करने का काम कर सकती है, जो ट्यूमर को बढ़ने से रोकने का काम कर सकते हैं। इसके अलावा, ग्रीन टी और ब्लैक टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फ्लेवनोइड्स (एपिकैटेचिन, एपिगैलोटेचिन, एपिकैटेचिन गैलेट) कीमोंप्रिवेंटिव (कैंसररोधी) प्रभाव दिखा सकते हैं । साथ ही इस बात का खास ख्याल रखें कि कैंसर घातक बीमारी है। इसके इलाज के लिए महज घरेलू उपचार पर निर्भर न रहें। घरेलू नुस्खों के साथ-साथ चिकित्सक से परामर्श करके उचित इलाज कराएं।
हृदय के लिए फायदेमंद है चाय:-संतुलित मात्रा में ग्रीन टी या ब्लैक टी का सेवन हृदय को स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, चाय का सेवन करने वाले लोगों में ब्लड प्रेशर, सीरम में लिपिड की मात्रा और डायबिटीज नियंत्रित रहती है। साथ ही कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है, जिससे शरीर को हृदय रोग होने की संभावना कम होती है।
डायबिटीज कम करने में चाय के फायदे:-एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में मधुमेह के लिए चाय के फायदे की बात कही गई है। शोध में बताया गया है कि चाय डायबिटीज के जोखिम और इससे जुड़ी जटिलताओं को कम करने में मददगार हो सकती है। शोध के अनुसार, चाय इंसुलिन की सक्रियता को बढ़ाती है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
सिरदर्द में चाय के फायदे:-सिरदर्द में भी चाय पीने के लाभ देखे जा सकते हैं। दरअसल, इसमें कैफीन की मात्रा पाई जाती है, जो सिरदर्द के असर को कुछ कम कर सकती है। एक अध्ययन के अनुसार, 237ml काली चाय में करीब 30-80mg कैफीन होता है। वहीं, 237ml ग्रीन टी में 35-60mg कैफीन की मात्रा पाईजाती है । ध्यान रहे कि कैफीन सिरदर्द का इलाज नहीं है। एक स्वस्थ व्यक्ति प्रतिदिन 400 मिलीग्राम कैफीन का सेवन कर सकता है, इससे अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन सिरदर्द, अनिद्रा और बेचैनी जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
एंटीऑक्सीडेंट:-चाय में एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने में लाभकारी साबित हो सकते हैं। इससे फ्री रेडिकल्स की वजह से होने वाले हृदय रोग, कैंसर, एजिंग की समस्या होने की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है। इसलिए एंटीऑक्सीडेंट खाद्य पदार्थों में शामिल चाय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।
चाय का उपयोग :–चाय का उपयोग मुख्य रूप से पेय के रूप में ही किया जाता है। चाय पीने के लाभ उठाने के लिए इसे उपयोग करने के निम्न प्रकार के तरीके हो सकते हैं ।चाय पत्ती को पानी के साथ उबालकर कई तरह की चाय बनाई जा सकती है। इसमें स्वाद के अनुसार नींबू, इलायची और अदरक मिलाया जा सकता है। अदरक और नींबू की चाय को भी लोग बहुत पंसद करते हैं।ग्रीन टी के फायदे बालों को स्वस्थ रख सकते हैं । इसके लिए ग्रीन टी से बालों को धोया जा सकता है। कैफीन की मौजूदगी के कारण चाय पत्ती का प्रयोग डार्क सर्कल को दूर करने के उपाय के तौर पर भी किया जा सकता है । इसके लिए इस्तेमाल किए गए टी बैग को आंखों पर कुछ मिनट के लिए रखा जा सकता है। हर्बल चाय में आइस क्यूब डालकर आइस टी का आनंद लिया जा सकता है।
चाय के नुकसान
आयरन के अवशोषण को कम करती है चाय – चाय में टेनिन नाम का यौगिक पाया जाता है। यह शरीर में आयरन को अवशोषित करने की क्षमता को कम कर सकता है । यही कारण है कि भोजन करने के तुरंत बाद चाय पीने से मना किया जाता है। चिंता और तनाव का कारण बन सकती है चाय: चाय में कैफीन होता है और कैफीन के अधिक सेवन से मस्तिष्क संबंधी रोगों का भी सामना करना पड़ सकता है। अत्यधिक मात्रा में चाय का सेवन चिंता, तनाव और बेचैनी को बढ़ा सकती है ।
अनिद्रा और हृदय रोग का कारण बन सकती है चाय- हालांकि लेख में बताया जा चुका है कि चाय कुछ हद तक हृदय रोग में सहायक हो सकती है। इसके बावजूद चाय में मौजूद कैफीन के कारण इसका अधिक सेवन कार्डियोवैस्कुलर (ह्रदय) रोग और अनिद्रा का कारण बन सकता है ।
जी मचलने या मतली का कारण बन सकती हैं चाय- ग्रीन और ब्लैक टी में कैफीन होता है, जिस वजह से चाय का अधिक सेवन जी मिचलाने की शिकायत पैदा कर सकता है ।
सीने में जलन पैदा कर सकती हैं चाय- चाय में कैफीन है इसका जिक्र हम इस लेख में पहले भी कर चुके हैं। साथ ही वैज्ञानिक अध्ययन में भी यह साबित हुआ है कि कैफीन पेट में गैस्ट्रिक एसिड की मात्रा को बढ़ा सकता है, जिससे सीने में जलन महसूस हो सकती है ।
इसलिए एसिडिटी से जूझ रहे मरीज को चाय का सेवन नहीं करना चाहिए।गर्भावस्था में चाय का सेवन- गर्भावस्था के दौरान चाय के रूप में अधिक कैफीन का सेवन गर्भपात और जन्म के समय शिशु के कम वजन का कारण बन सकता है ।
