सेहतमंद रहने के लिए सीड्स और नट्स को डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद होता है। खासकर सीड्स सेहत के लिए काफी लाभकारी होते हैं। इन्हें खाने से कई फायदे मिलते हैं, खासकर जब आप बीजों को भिगोकर खाते हैं। बीजों को भिगोकर खाने से इनका पोषक मूल्य बढ़ जाता है और फिर ये हमारे शरीर को ज्यादा फायदा पहुंचाते हैं। इन्हें भिगोने से इन बीजों में मौजूद एंटी-न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं, जिससे इन्हें पचाने में आसानी होती है। इसके साथ ही इनसे फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, और मिनरल्स की अच्छी मात्रा में प्राप्ति भी होती है, जो शरीर के लिए कई तरह से लाभदायक साबित होता है। इसलिए आपको इन्हें अपनी डेली डाइट का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए।
चिया सीड्स
चिया सीड्स को भिगोने पर ये जेली जैसे बन जाते हैं, जिससे पाचन क्रिया में सुधार होता है। इनमें ओमेगा थ्री फैटी एसिड और फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो वजन घटाने और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। जब इन्हें 30 मिनट से 2 घंटे तक भिगोया जाता है, तो चिया सीड्स पानी सोख लेते हैं और जेल जैसी स्थिरता में फैल जाते हैं। इससे ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट और आहार फाइबर सहित उनकी पूरी क्षमता खुल जाती है।
अलसी के बीज
अलसी जिसे तीसी के बीज भी कहते हैं ये एक सुपरफूड है, जो कई तरह से फायदेमंद हैं। इन्हें भिगोकर खाने से इनमें लिग्नान और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का अब्जॉर्शन बेहतर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने और हार्ट डिजीज के खतरे को कम करने में सहायक होते हैं।
कद्दू के बीज
इन बीजों में जिंक और मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा
पाई जाती है, जो माँसपेशियों और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। कद्दू के बीजों को 6-8 घंटे के लिए भिगोने से इसकी मैग्नीशियम सामग्री बढ़ जाती है, जो दिल के स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है, नींद में सुधार करती है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में सहायक है। भीगे हुए कद्दु के बीज पचाने में भी आसान होते हैं। विटामिन ए
तिल के बीज
तिल शरीर में कैल्शियम और मैग्नीशियम का अब्जॉर्शन बढ़ता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और त्वचा की सेहत को सुधारने में मदद करता है। सफेद या काले तिल को 4-6 घंटे के लिए भिगोने से उनके कैल्शियम और आयरन के अवशोषण में बढ़ोतरी होती है। भिगोने की प्रक्रिया फाइटिक एसिड को तोड़ने वाले एंजाइम को सक्रिय करके पाचन में भी सुधार करती है।
सूरजमुखी के बीज
सूरजमुखी के बीज प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत हैं। सूरजमुखी के बीजों को 2-4 घंटे के लिए भिगोने से एंजाइम सक्रिय होते हैं जो पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाते हैं और पाचन में सुधार करते हैं। ये बीज विटामिन E और B, मैग्नीशियम और सेलेनियम से भरपूर होते हैं। इससे शरीर में एनर्जी लेवल बढ़ता है और इम्यून सिस्टमा को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
मेथी के बीज
मेथी के बीजों को भिगोकर खाने से पाचन में सुधार होता है और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। ये बालों के लिए भी बहुत ही – फायदेमंद होते हैं। मेथी के दानों को 6-8 घंटे पानी में भिगोने से म्यूसिलेज निकलता है, जो एक जेल जैसा पदार्थ है जो पेट की परत को शांत करता है। मेथी में फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए सबसे बढ़िया तरीका है।
धनिया के बीज
धनिया के सीड्स को आप रात भर भीगा देंगे और सुचह इसका पानी पिएंगे तो इससे पूरा पेट साफ हो जाएगा। कॉन्स्टिपेशन की समस्या जिसे है, उसके लिए यह ह बहुत फायदेमंद है। भीगी हुई धनिया का सेवन बॉडी को डिटॉक्सीफाई करता है. धनिया में , विटामिन सी और आयरन होता है जो इम्यूनिटी को बूस्ट करता है
सरसों के बीज
सरसों के बीज-सरसों का तेल आप रोज खाते होंगे लेकिन क्या कभी आपने शुद्ध सरसों को भीगाकर इसका सेवन किया है. सरसों को भीगा कर खाने से इसका फायदा ज्यादा मिलेगा. या सरसों को भीगाकर इसके पेस्ट बनाकर सब्जी में खाने से बहुत फायदा मिलेगा. सरसों में ग्लूकोसीनोनेट्स और ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो कोशिकाओं से इंफ्लामेशन को खत्म करता है।
बादाम
बादाम को हमेशा ही भिगोकर खाना अधिक फायदेमंद होता है। ऐसा करने से इनके छिलकों में मौजूद टेनिन बाहर निकल जाते हैं, जो बादाम में मौजूद पोषक तत्वों के अब्जॉर्शन में बाधक बनते हैं। भीगे हुए बादाम मस्तिष्क के कार्य को बेहतर बनाने, दिल को स्वस्थ रखने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
