
राजिम :- मौसम में आए बदलाव के कारण अंचल के किसान चिंता में फंस गए हैं दिनों दिन उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही है। शनिवार को शाम 6:00 बजे अंधड़ के साथ फिर बारिश हुई। किसानों के अलावा आम जनता को भी यह मुश्किलें में डाल रही है। गुरुवार, शुक्रवार शनिवार और आज रविवार सुबह से ही फिर से अंधड़ बारिश का नजारा देखने को मिला। वैसे शनिवार को बारिश तो कम हुई लेकिन तेज हवाएं चलने से धान की बालियां जमीन पर लिपट गए। इसके कारण किसानों को बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है। भैंसातरा के किसान नेतराम साहू ने बताया कि वह 12 एकड़ भूमि पर रबी फसल लगाए हैं। इस बार के अंधड़ हवा पानी के कारण 40% धान झाड़ कर नीचे गिर गए हैं। इससे हमें टोटल नुकसान हो रहा है। वैसे अंचल में धान कटाई के लिए पक कर तैयार हो गए हैं लेकिन लगातार मौसम की बेरुखी के चलते किसान धान कटाई नहीं कर पा रहे हैं जमीन गीली हो गई है। हार्वेस्टर खेतों में कटाई के लिए जा नहीं पा रहे हैं अब किसानों को हंसिया से कटाई करना पड़ेगा, इसमें समय लगेगा और मजदूरों के अलावा राशि भी ज्यादा लगेगा। किसान इस बात को लेकर बड़ी चिंता में है। इसी तरह से राजिम के भोले साहू, बीरबल ने बताया कि इस बार रबी की फसल में तना छेदक का प्रकोप सबसे ज्यादा है इसके कारण हमें जो घाटा हो रहा है उससे उबरना मुश्किल हो गया है और एन कटाई के वक्त पर मौसम ने धोखा दे दिया जिससे हमारी आर्थिक स्थिति डावाडोल होती हुई दिखाई दे रही है। किसानों के अपने-अपने अलग दर्द है जो बयां करते हुए नहीं थक रहे हैं। शनिवार को शाम जैसे ही अंधड़ बारिश शुरू हुआ उसके बाद सब्जी पसरा बाजार में विक्रेता सब्जियों को समेटने में लग गए। सब्जियां नहीं बिकने के कारण इन्हें भी नुकसान उठाना पड़ा। विक्रेताओं ने बताया कि बाजार खुले आसमान के नीचे लगता है यहां पर छत की कोई व्यवस्था नहीं है जिसके कारण पानी गिरने के बाद हमें नुकसान उठाना पड़ता है। कहने को तो राजिम नगर पंचायत है लेकिन यहां सब्जी विक्रेताओं को जो सुविधा मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही है।
