निर्माण के 1 माह बाद ही टूटने लगा लाखों का स्टॉप डेम

परमेश्वर कुमार साहू ,गरियाबंद ,11 मार्च 2021
गरियाबंद जिले में इन दिनों करोड़ों रुपए की लागत से हर एक विभाग में कुछ ना कुछ निर्माण कार्य कराया जा रहे हैं पर जिले में संबंधित विभाग के मुखिया और जिले में बैठे जिलाधिश का शायद इनके ऊपर कंट्रोल नहीं है। यही वजह है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर हमेशा प्रश्न उठता रहा है, चाहे वह जल संसाधन के निर्माण कार्य हो या फिर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के, निर्माण का इसी प्रकार भू संरक्षण विभाग एवं कृषि विभाग भी पीछे नहीं हैं ।भू संरक्षण विभाग द्वारा पानी संचय के लिए छोटे-छोटे चेक डैम और स्टॉप डैम का निर्माण किया जा रहा है जहां पानी तो नहीं ठहरता ना ही इसका सही सदुपयोग हो पा रहा है इसी प्रकार विकासखंड फिंगेश्वर के बोड़की फुलझर अंतर्गत फुलझर नाले में लगभग 10 लाख रुपए की लागत से चेक डैम का निर्माण किया जा रहा है ।हालांकि निर्माण स्थान पर किसी प्रकार का बोर्ड नहीं लगाया गया है पर ग्रामीणों से पता चला की 10 लाख रुपए की लागत से या निर्माण किया जा रहा है। जहां गुणवत्ता की बात की जाए तो किसी प्रकार की गुणवत्ता नहीं है वही निर्माण के समय में जब कुछ रेजा कुली से पूछा गया था तो उन्होंने 70 हजार में ठेका लेने की बात कही थी इस प्रकार निर्माण हुआ अभी 2 माह भी नहीं हुआ और अभी से दरार आना चालू हो गया है कईयों जगह तो प्लास्टर भी नहीं किया गया है साथ ही कोनों में किनारों में अभी से टूटने लगे शायद यहां पानी तराई नहीं किया गया है जिस वजह से अभी से टूटने लगा है।छोटे से बन रहे इस चेक डैम को नहीं लगता ईसका लागत 10 लाख आया होगा। यह जांच का विषय है वही इस बारे में कृषि विभाग एवं भू संरक्षण विभाग के प्रभारी अधिकारी फागुन लाल कश्यप से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर अगर गलत बनाया होगा तो जांच करवा कर कार्रवाई करेंगे।
