
धमतरी :- भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सिहावा विधानसभा अंतर्गत मगरलोड ब्लाक में संपन्ना कांग्रेसियों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान राशि का बंदरबांट किया है। कलेक्टर कार्यालय जिला धमतरी द्वारा वित्तीय वर्ष 2022 23 में मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान राशि स्वीकृत कर प्राप्त करने वाले की सूची जारी की गई है। जिसमें 103 संपन्न कांग्रेसी पदाधिकारियों एवम् कार्यकर्ताओं का नाम शामिल है। मरकाम ने आगे बताया कि स्वेच्छा अनुदान सूची में जनपद सदस्य, पार्षद, सरपंच संघ अध्यक्ष, जोन अध्यक्ष, सोसायटी अध्यक्ष एवं अन्य कांग्रेसी पदाधिकारियों का नाम शामिल है। सिहावा विधानसभा विधायक लक्ष्मी ध्रुव सस्ती राजनीति कर लोकप्रिय बनने के चक्कर में कुछ ही चुनिंदा संपन्न कांग्रेसियों को स्वेच्छा अनुदान देकर शासकीय राशि का दुरूपयोग किया है। शासन के स्वेच्छा अनुदान राशि का उपयोग गरीब, असहाय, निशक्त जन, पीड़ित, बीमार, बेघर, दिव्याग, अतिगरीब सहित जरूरतमंद लोगों में खर्च करने के लिए आवंटित किया जाता है। स्थानीय विधायक की अनुशंसा पर लाखों रुपए की स्वेच्छा अनुदान राशि का गड़बड़ी कर भ्रष्टाचार करने का नया कीर्तिमान रचा जा रहा है। विकास मरकाम ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत स्वेच्छा अनुदान राशि प्राप्त करने वाले नामों की सूची आम जनता के बीच प्रसारित किया है। इससे सिहावा विधायक की गरीबो के प्रति भेदभाव करने की मानसिकता उजागर हो रही है।
विधायक से इस्तीफे की मांग
विकास मरकाम ने सिहावा विधायक द्वारा स्वेच्छा अनुदान राशि में बंदरबांट कर गरीबो के हक पर डाका डाला गया है। विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत अनेकों गावों में मूलभूत सुविधा, सड़क बिजली, पानी, रोजगार के लिए तरस रही है। क्षेत्र के मूलभूत विकास को छोड़कर विधायक अपने चहेतों को स्वेच्छा अनुदान की राशि बांट दी गई है। स्वेच्छा अनुदान राशि की जांच कर विधायक पद से इस्तीफे की मांग की है। स्वेच्छा अनुदान राशि को लेकर सियासी राजनीति गरमाई, सिहावा विधायक द्वारा स्वेच्छा अनुदान राशि में कांग्रेस पार्टी के अपने चहेतों पदाधिकारियों में बांट दी गई है। जिससे लेकर अब राजनीति सियासी गरमाई हुई है।
इस संबंध में सिहावा विधायक से मोबाईल फोन से संपर्क करने का किया गया। किंतु मोबाइल फोन आफ होने के कारण पक्ष नहीं लिया जा सका।
