गरियाबंद:- हृदय स्वास्थ्य के लिए तरबूज के फायदे बहुत हैं। शोध के अनुसार, रोजाना तरबूज खाने या इसका जूस पीने से खराब कोलेस्ट्रॉल के संचय को रोका जा सकता है , जो हृदय रोग का कारण बन सकता है। अध्ययन के अनुसार तरबूज के इन हृदय-स्वस्थ गुणों के पीछे तरबूज में पाया जाने वाला साइट्रलाइन नामक पदार्थ है। शोध में बताया गया है कि साइट्रलाइन अच्छी तरह से एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में प्लाक जमने की समस्या) पर लाभकारी प्रभाव डाल सकता है । दरअसल, कोरोनरी धमनियों में प्लाक को कम करने में सहायक हो सकता है।
पाचन स्वास्थय-पाचन क्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए तरबूज आपकी मदद कर सकता है। तरबूज में पानी की अधिकता होती है और पानी भोजन पचाने में सबसे अहम तत्व माना जाता है। इसके अलावा, इसमें फाइबर भी पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ-साथ कब्ज, डायरिया व गैस जैसी समस्याओं से निजात दिलाने का काम करता है । पेट की दिक्कतों से बचे रहने के लिए आप अपने दैनिक आहार में तरबूज को शामिल कर सकते हैं।
वजन घटाने के लिए-वजन घटान के लिए भी तरबूज के फायदे बहुत हैं। जो लोग अपने बढ़ते वजन से परेशान हैं, वो अपने दैनिक आहार में तरबूज को शामिल कर सकते हैं। वजन कम करना, तरबूज के सबसे अच्छे स्वास्थ्य लाभों में से एक है। तरबूज में कैलोरी की मात्रा कम होती है, जबकि फाइबर अधिक पाया जाता है। इसके अलावा, यह शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में भी सहायक हो सकते है।

हाइड्रेट रखता है हाइड्रेट-शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हाइड्रेट रहना बहुत जरूरी है, यानी आपके शरीर में जल पर्याप्त मात्रा में होना चाहिए। डिहाइड्रेशन कई शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकता है, जैसे कब्ज, कमजोरी, सिर चकराना, सिर दर्द, मुंह सुखना, पेट फूलना व लो बीपी आदि। तरबूज में पानी की अधिकता होती है, इसलिए यह शरीर को हाइड्रेट रखने का काम करता है। खासकर, गर्मियों के दौरान निर्जलीकरण की समस्या ज्यादा होती, इसलिए डॉक्टर भी तरबूज का जूस पीने की सलाह देते हैं। यह शरीर को रिहाइड्रेट करता है और पेट को ठंडा रखता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता-विटामिन-सी से भरपूर होने के कारण तरबूज शरीर की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। इसके अलावा, तरबूज में फाइबर भी पाया जाता है, जो पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने का काम कर सकता है। वहीं, आंतों का स्वास्थ्य अच्छे बैक्टीरिया के माध्यम से रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने में सहायक हो सकता है। इस खास फल में विटामिन-बी6 भी होता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को एंटीबॉडी का उत्पादन करने में मदद करता है। तरबूज में मौजूद विटामिन-ए प्रतिरक्षा प्रणाली को नियंत्रित करता है और संक्रमण से बचाता है। एक स्वस्थ जीवनशैली के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत रहना बहुत जरूरी है ।
आंखों के लिए-आंखों के लिए भी तरबूज के लाभ बहुत हैं। तरबूज विटामिन- ए का अच्छा स्रोत है, जो आंख के रेटिना में पिगमेंट का उत्पादन करने में मदद करता है। इससे उम्र से संबंधित नजर के धुंधलेपन को दूर करने में मदद मिल सकती है। विटामिन-ए को रेटिनॉल भी कहा जाता है, जो कम रोशनी में अच्छी दृष्टि को बढ़ावा देता है। फेडरल गवर्नमेंट नेशनल आई इंस्टिट्यूट द्वारा प्रायोजित ‘द एज-रिलेटेड आई डिसीज स्टडी’ (AREDS) में पाया गया कि विटामिन-सी और ई, β-कैरोटीन, जिंक व कॉपर के साथ मिलकर एएमडी के जोखिम को लगभग 25 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। आंख संबंधी एक चिकित्सीय स्थिति है, जो 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में आंखों की रोशनी कम होने का प्रमुख कारण बनती है। यह बीमारी मैक्युला को नुकसान पहुंचाती है, जो रेटिना के केंद्र के पास होता है। मैक्युला हमें उन वस्तुओं को देखने में मदद करता है, जो सीधे आंखों के आगे होती हैं। मधुमेह तरबूज को डायबिटीज के मरीजों के डाइट में भी शामिल किया जा सकता है। दरअसल, एक रिपोर्ट के अनुसार, तरबूज में एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ एंटीडायबीटिक गुण भी होते हैं । तरबूज कोलेस्ट्रॉल से मुक्त होता है, इसलिए यह टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
हीट स्ट्रोक- हीट स्ट्रोक को लू लगना भी कहते हैं। यह वो अवस्था है, जिसमें गर्मी के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है और ठंडा नहीं हो पाता है। इसके होने के पीछे का कारण तेज गर्मी में अधिक समय बिताना और नॉन एल्कोहलिक तरल का कम सेवन करना है। कई मामलों में यह घातक भी हो सकता है। वहीं, तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए यह शरीर को निर्जलीकरण से बचाने का काम करता है। चीनी चिकित्सा में भी इसका बहुत महत्व है। तरबूज उन कुछ फलों में से एक है, जो गर्मी में प्यास बुझाने और थकावट को दूर करने का काम करता है। शरीर में तरल की मात्रा बनी रहने से हीट स्ट्रोक ज्याद प्रभाव नहीं डालता है। हड्डी स्वास्थ्य हड्डी स्वास्थ्य के लिए भी तरबूज के फायदे बहुत हैं। तरबूज विटामिन-सी से भरपूर होता है, जो हड्डियों के लिए फायदेमंद माना जाता है। एक रिपोर्ट के अनुसार शरीर में विटामिन-सी की कमी से स्कर्वी और हड्डियों में दर्द जैसी समस्या हो सकती है। इसके अलावा, तरबूज में मौजूद विटामिन-ए हड्डी के विकास को बढ़ावा देने का काम करता है।
लाइकोपीन – यह तरबूज के सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है। लाइकोपीन विटामिन-ए का एक प्रकार है, जो इसके अधिकांश लाभों के लिए जिम्मेदार है। तरबूज का उपयोग-1. वॉटरमेलन सलाद सामग्री : आधा कटा हुआ प्याज पांच कप कटे हुए तरबूज
दो खीरे, गोल-गोल कटे हुए। कटे हुए काजू एक कप 150 ग्राम एक मुट्ठी ताजा बारीक कटा हुआ पुदीना एक कप जैतून का तेल एक नींबू का रस एक चुटकी नमक बनाने की प्रक्रिया: जैतून का तेल, नींबू का रस और नमक को छोड़कर, एक कटोरे में सभी सामग्री मिला लें। अब मिश्रण में जैतून का तेल और नींबू का रस मिलाएं। अंत में नमक का छिड़काव करें। 2. वॉटरमेलन डोनट्स सामग्री : एक तरबूज (बीज निकाला हुआ) खट्टी मलाई (आवश्यकतानुसार) स्वाद के लिए चीनी वनिला रस (स्वाद के लिए) बारीक पतले कटे हुए थोड़े से बादाम बनाने की प्रक्रिया : तरबूज को डोनट आकार में गोल-गोल काटें और बीच में एक बड़ा छेद कर दें। खट्टी मलाई में चीनी और थोड़ा वनीला रस मिलाएं। अब तरबूज के टुकड़ों को मिश्रण में डुबोएं और ऊपर से बादाम का छिड़काव करें। अंत में आपको तरबूज के टुकड़ों को फ्रिज में एक-दो घंटे के लिए रखना होगा। इसके बाद वॉटरमेलन डोनट्स का आनंद उठाएं।
तरबूज के नुकसान– इसमें कोई दो राय नहीं कि तरबूज एक गुणकारी फल है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन कुछ शारीरिक समस्या भी खड़ी कर सकता है। नीचे जानिए तरबूज के अत्यधिक सेवन के कुछ दुष्प्रभावों के बारे में–
पेट संबंधी परेशानियां जैसा कि हमने देखा है, तरबूज के अधिकांश लाभों को लाइकोपीन के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, लेकिन यह यौगिक कई साइड इफेक्ट का कारण भी बन सकता है। अगर फल अधिक मात्रा में खाया गया, तो लाइकोपीन के ओवरडोज के चलते मतली, उल्टी, अपच और दस्त लग सकते हैं।
हाइपरकलेमिया- तरबूज के अधिक सेवन से हाइपरकलेमिया हो सकता है, जिसमें पोटैशियम का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। इससे हृदय संबंधी समस्याएं, जैसे अनियमित दिल की धड़कन और कमजोर नाड़ी हो सकती है। एलर्जी कुछ व्यक्तियों को तरबूज से एलर्जी हो सकती है।
