3 अप्रैल से कत्थक नृत्य का प्रशिक्षण संगीत केंद्र में।

राजिम :- गर्मी की छुट्टी का बच्चों को बहुत बेसब्री से इंतजार रहता है, क्योंकि यह लंबे समय के लिए होती है। इस छुट्टी में बच्चे घूमना फिरना मौज मस्ती करना पसंद करते हैं। कुछ बच्चे अपनी छुट्टी का उपयोग संगीत सीखने में कर रहे हैं। श्रीराम संगीत कला केंद्र राजिम द्वारा 3 अप्रैल से कत्थक नृत्य का प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है कथक नृत्य का प्रशिक्षण इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से प्रशिक्षित शिक्षिका पदमा देवांगन व सहयोगी निधि वर्मा के द्वारा प्रदान किया जाएगा, ज्ञात हो कि पदमा देवांगन के द्वारा बहुत सारे छत्तीसगढ़ी फिल्मों में भी नृत्य निर्देशिका का कार्य कर चुके हैं संगीत केंद्र में हारमोनियम, तबला, कैसियो, नाल, आर्गन, ऑक्टोपैड का प्रशिक्षण पहले से संचालित है संचालक तुलाराम साहू ने बताया कि बच्चे अपनी रुचि के अनुसार अलग-अलग विधा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं जिसमें गरियाबंद जिले के अलावा अन्य जिलों से भी प्रशिक्षणार्थी सम्मिलित हो रहे हैं श्रीराम संगीत कला केंद्र के माध्यम से लोगों को आज उचित मार्गदर्शन व प्रशिक्षण प्राप्त हो रहा है कई ऐसे लोग होते हैं जो संगीत तो सीखना चाहते हैं लेकिन अवसर या वाद्ययंत्रों की कमी या फिर प्रशिक्षक नहीं होने की वजह से सीख नहीं पाते, क्षेत्र का यह विद्यालय ऐसे कलाप्रेमियों के लिए वरदान साबित हो रहा है विगत 14 वर्षों में 4000 से ऊपर प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं एवं समाज में अपनी सेवा दे रहे हैं।