सोनकर समाज मेहनतकस समाज: चुन्नीलाल साहू।

राजिम :- छत्तीसगढ़ सोनकर समाज राजिम के द्वारा शुक्रवार को विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान सोनकर भवन में प्रभु रामचंद्र, जानकी माता एवं लक्ष्मण की पूजा अर्चना किया गया। महाआरती हुई। भए प्रगट कृपाला दीन दयाला गूंजता रहा। रामचंद्र जी की जयकारा के साथ शोभायात्रा की शुरुआत हुई।

उससे पहले महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद चुन्नीलाल साहू उपस्थित होकर सोनकर समाज को मेहनतकश समाज कहा। उन्होंने आगे कहा कि मैं इस समाज को नमन करता हूं इनका आराध्य देव प्रभु श्री रामचंद्र जी है यह राजिम नगर का गौरवशाली समाज है। समाज के ख्याति दूर दूर तक फैली हुई है। लगातार रामचंद्र जी की शोभायात्रा निकाल रहे हैं। यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है जो यह समाज धार्मिक कार्यों में संलग्न है। शाम 4:00 बजे यात्रा गोवर्धन चौक से आगे बढ़ी और लोग झूमते नाचते रहे तथा जयकारा लगाते रहे। इस दौरान गणमान्य नागरिकों को वस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया।

महामाया चौक से होते हुए यात्रा आगे बढ़ी और रामचंद्र देवल के दर्शन कर राजीव लोचन मंदिर होते हुए सीधे सुभाष चौक के साथ ही पंडित सुंदरलाल शर्मा चौंक बस स्टैंड में शानदार आतिशबाजी किया गया। इस दौरान शहर समेत आसपास के स्वजातीय बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित थे। महिला पुरुष के साथ बच्चे भी अपने हाथ में झंडे लिए थे और रामचंद्र के नाम रूपी आभूषण को धारण किए हुए थे। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष रेखा सोनकर ने बताया कि सोनकर समाज राम जानकी के आराधक है। भगवान रामचंद्र का चरित्र आज भी प्रासंगिक है। उनके पद चिन्हों पर चलकर हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। सोनकर समाज वर्षों से राम जन्मोत्सव पर शोभायात्रा निकाल रही है धर्म के प्रति इनकी लगन राम की कृपा है। सोनकर समाज राजिम राज के अध्यक्ष मुन्ना सोनकर ने कहा कि भगवान राम की कृपा सब पर बनी रहे। हमारा समाज अत्यंत मेहनती है शाक सब्जियों के उत्पादन में कड़ी मेहनत करते हैं। कलयुग में कर्म का फल सबको मिलता है और मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। इस दौरान सोनकर समाज के जितेंद्र सोनकर, पार्षद मोती सोनकर, टंकु सोनकर, विनोद सोनकर, उत्तम निषाद, भारत यादव सभापति ओमप्रकाश अडिल पुष्पा गोस्वामी, राजिम भक्ति मंदिर समिति के अध्यक्ष लाला साहू, संतराम सोनकर, अर्जुन सोनकर, मदन सोनकर, छोटेलाल सोनकर, मानसिंह सोनकर, बसंत सोनकर, मोहन सोनकर, खेलन सोनकर, हीरालाल सोनकर, दीपक सोनकर, रामानंद सोनकर, बाहरू सोनकर, कांति सोनकर, बल्ला सोनकर दयालु सोनकर विष्णु सोनकर सेवक सोनकर हीरालाल सोनकर सहित बड़ी संख्या में स्वजातीय बंधु उपस्थित थे।धुमाल की धुन पर झूमते रहे युवा प्रभु श्री रामचंद्र जी के भजन धुमाल पर चला। जिसे सुनकर लोगों थिरकते रहे। खासकर युवा झूमते रहे। वही जयकारा भी होती रही। इस शोभायात्रा ने नगर में इतिहास बना दिया।