बीजापुर – श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना के रूप में कार्य कर रही है। इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को प्रथम एवं द्वितीय संतान के जन्म पर 20-20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के संरक्षण तथा बच्चों के समुचित पालन-पोषण में सहायता मिलती है।योजना से लाभान्वित हितग्राही श्रीमती चांदनी गुरला, पति महेन्द्र गुरला, ग्राम गोटाईगुड़ा, विकासखंड भोपालपटनम की निवासी हैं। वे एक श्रमिक परिवार से संबंध रखती हैं और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। सीमित आय और आर्थिक कठिनाइयों के कारण परिवार को बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं तथा दैनिक जरूरतों की पूर्ति में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। श्रम विभाग द्वारा ग्राम गोटाईगुड़ा में आयोजित जागरूकता एवं पंजीयन शिविर के माध्यम से श्रीमती चांदनी गुरला का निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीयन किया गया। पंजीयन के बाद उन्हें विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।द्वितीय संतान के जन्म के पश्चात उन्होंने मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किया, जिसके फलस्वरूप उन्हें नियमानुसार 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने नवजात शिशु के पोषण, स्वास्थ्य देखभाल, दवाइयों, वस्त्रों तथा अन्य आवश्यक जरूरतों की पूर्ति में किया। इससे परिवार को आर्थिक राहत मिली और बच्चे के बेहतर पालन-पोषण में सहायता प्राप्त हुई। श्रीमती चांदनी गुरला ने बताया कि श्रम विभाग की इस योजना से उन्हें कठिन समय में महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग मिला, जिससे परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली। उन्होंने इस लाभकारी योजना के लिए शासन एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
