राजिम माघी पुन्नी मेले में नाम के विशिष्ट सदस्य है, पर इन्हें न तो पूछा जाता है और न ही कोई जानकारी दी जाती है
राजिम।
राजिम माघी पुन्नी मेला में प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों एवं केंद्रीय समिति के सदस्यों के साथ बेवजह रोक-टोक एवं अव्यवहारिक रवैय्ये से प्रतिनिधिजन काफी नाराज हैं। मेला केंद्रीय समिति के सदस्यों के साथ-साथ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन एवं राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त राजकुमारी देवांगन को भी मुख्य मंच में जाने से रोक दिया गया। मुख्य मंच के नीचे आम जनों के साथ खनिज निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन एवं राजकुमारी को अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू द्वारा स्वत: बुलाए जाने पर मंच में बिठाया गया। वहीं राज्य शासन द्वारा राजिम माघी पुन्नी मेला के लिए केंद्रीय समिति का गठन किया गया है जो छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित है जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, विधायक, स्थानीय संस्थाओं के अध्यक्ष, अधिकारियों के साथ स्थानीय स्तर पर नवापारा शहर के मात्र तीन और राजिम शहर से चार व तीन वरिष्ठ पत्रकारों को मिलाकर कुल 10 लोगों को विशिष्ट सदस्य बनाया गया है जिसमें नवापारा से रतिराम साहू, धनराज मध्यानी, जीत सिंग, राजिम से रामकुमार गोस्वामी, ताराचंद मेघवानी, बैसाखू राम साहू, लक्ष्मी साहू शामिल है। इस 52 सदस्यीय केंद्रीय समिति के स्थानीय इन सदस्यों को किसी भी स्तर पर प्रशासन द्वारा न ही कोई कार्यक्रमों की जानकारी दी जाती है न ही मुख्य मंच पर प्रवेश की अनुमति होती है। अतिथियों के स्वागत सम्मान के लिए इन्हें अवसर भी नहीं मिलता। इन्हें कभी प्रवेश पत्र भी नहीं मिलता। मात्र कागज में सदस्य के रूप में नामों का उल्लेख है। इन सदस्यों के मन में प्रशासन के प्रति काफी आक्रोश है लेकिन सरकार की छवि को ध्यान में रख कर मौन साधे नाराजगी व्यक्त करते हैं।
