सुरेन्द्र मिनोचा:
एमसीबी :- जिले के मनेन्द्रगढ़ में गणगौर उत्सव बहुत धूम-धाम से मनाया जा रहा है। होली पर्व के बाद मनाया जाने वाले गणगौर का त्योहार आरंभ हो गया है,जो कि 24 मार्च तक चलेगा। महिलाओं के द्वारा गणगौर पर्व के पहले दिन की सूबह ही गाती- बजाती मिट्टी गलाकर उससे सोलह पिंडियां बनाईं जाती है। साथ ही दीवार पर सोलह बिंदियां कुंकुम की, सोलह बिंदिया मेहंदी की और सोलह बिंदिया काजल की प्रतिदिन लगाई जाती है।

गणगौर का व्रत केवल सुहागिन स्त्रियां ही नहीं करती बल्कि कुंवारी लड़कियां मनपसंद वर की कामना करते हुए इस व्रत और पूजा को करती है। विवाहित महिलाएं अपने पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। गणगौर पर्व के सभी दिन मां पार्वती की स्तुति का सिलसिला चलता रहता है। अंतिम दिन भगवान शिव की प्रतिमा के साथ सुसज्जित हाथियों, घोड़ों का जुलूस और गणगौर की सवारी निकाली जाती है जो आकर्षण का केंद्र बन जाती ही हैं।
