शहर के भीतरी सड़कों पर दो लोगों की गई जान तब पार्षद ने मांगा स्पीड ब्रेकर।

 

राजिम :- गत दिनों शहर के भीतरी भागों पर एक्सीडेंट के चलते 2 लोगों की जान चली गई जिन्होंने भी दृश्य को देखा वह उन्हें याद कर कराह उठता है। छोटे 15 साल के बच्चे ट्रक के नीचे आने के बाद उनके शरीर पर ऐसे घांव हुए कि वह दर्द को सहन नहीं कर पा रहे थे और चिल्लाकर बचाने की आवाज दे रहे थे आनन- फानन में 108 बुलाया गया और अस्पताल जाते वह दम तोड़ दिया। यह घटना एक बार की नहीं है बल्कि कई बार इस सड़क मार्ग पर दुर्घटनाएं हो चुकी है और प्रशासन के बेरुखी के चलते यह दृश्य हर बार देखने को मिलता है सड़क पर आने के बाद लोग महफूज नहीं हो पा रहे हैं। चर्चा चल रही थी कि ड्राइवर शराब का सेवन कर लिया था जिसके चलते उन्हें समझ में नहीं आया लेकिन कुछ लोग यह भी बता रहे थे कि ड्राइवर कह रहा था कि हमने इसे बचाने का भरपूर प्रयास किया। तरह-तरह की बातें चल रही है लेकिन जिसकी जान गई उसके परिवार में क्या बीत रहा है यह तो वही लोग ही जान पाएंगे। वैसे भी राजिम ग्राम पंचायत नहीं है। पिछले 20 सालों से इन्हें नगर पंचायत का दर्जा मिला हुआ है आगे नगर पालिका बनने की ओर अग्रसर है, शहरी करण तेजी के साथ हो रहे हैं लेकिन बायपास रोड का निर्माण अभी तक नहीं हुए हैं पिछले 10 सालों से लगातार बाईपास सड़क की मांग चल रही है। यह वही राजिम है जिन्होंने अविभाजित मध्यप्रदेश में राजिम विधानसभा क्षेत्र से तीन बार मुख्यमंत्री दिए। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद प्रथम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री राजिम विधानसभा के विधायक को बनाया गया। अभी तक तो इस शहर का कायाकल्प हो जाना चाहिए था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है जो लोगों को समय-समय पर जमकर खलती है। राजिम विधानसभा मुख्यालय तीन ओर से जिला मुख्यालय से जुड़ा हुआ है। पूर्व में महासमुंद, दक्षिण में गरियाबंद एवं पश्चिम में धमतरी जिला तथा उत्तर में राजधानी रायपुर स्थित हैं। चारों ओर से लोगों का आना जाना लगा रहता है इस नजरिए से शहर के बाहर से होकर हैवी गाड़ियों को निकाला जाना बहुत जरूरी है। भीतरी मार्गो से बड़ी गाड़ियां निकलती है तब उसे अपने वाहन को मोड़ने वह आगे बढ़ाने में भी बड़ी दिक्कत होती है। बताना जरूरी है कि छुरा मार का अभी भी सिंगल रोड है इस मार्ग पर तो बड़ी मुश्किल से वाहन आगे बढ़ पाती है। छत्तीसगढ़ राज्य बने हुए 22 साल गुजर गए लेकिन छुरा रोड का अभी तक कायाकल्प नहीं हुआ है। अलबत्ता गत दिनों वार्ड के पार्षद विनोद सोनकर अपने साथ पार्षद के लोगों को लेकर तहसीलदार राजिम के पास जाकर सड़क मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की। अब यही सिर्फ देकर कब तक बनेगा कह पाना मुश्किल है लेकिन बाईपास सड़क की मांग भी हो रही है और इन्हें कब तक बनाएगा यह भी कह पाना मुश्किल है। हां यह बात जरूर है कि यहां के विधायक सत्तापक्ष से है तो सांसद भी सत्ता पक्ष से ही है यदि दोनों प्रयास करें तो शीघ्र बाईपास सड़क अस्तित्व में आ सकते हैं।