राजिम :- जैसे-जैसे होली त्यौहार की तिथियां नजदीक आती जा रही है वैसे वैसे होलियाना माहौल बनता जा रहा है। क्षेत्र में छोटी-छोटी स्कूली बच्चे रस्सी लेकर सड़कों पर खड़े हो जाते हैं और आने जाने वाले से चंदा उगाही करते हुए दिख रहे हैं इससे बच्चों में गलत संदेश जा रहा है जिस पर लगाम लगाने वाला कोई नहीं दिख रहा है क्योंकि परीक्षा सिर पर है और छोटे बच्चे तनिक लालच में आकर पढ़ाई को छोड़ पैसे मांगने में लगे हुए हैं इस पर कई लोगों ने आपत्ति की लेकिन बच्चे हैं मानने वाले कहां हैं। जैसे इस संवाददाता ने इन बच्चों के फोटो लेने के लिए मोबाइल में निकाला और एक फोटो ले भी लिया उसके बाद तो एक बच्चे का ध्यान इसी और पड़ गया और उन्होंने फोटो ले रहे हैं करके बाकी बच्चे को बताया। देखते ही सभी लड़के एवं लड़कियां भाग खड़े हुए। कुछ देर बाद आने पर उन्हें समझाया गया कि अभी पढ़ाई का समय है पढ़ाई करो बच्चे ने तो हम ही भर ली लेकिन जैसे ही आगे बढ़े फिर से ढाक के तीन पात जैसी कहावत चरितार्थ हुई। यह मानने वाले कहां थे फिर से रस्सी लगाकर चंदा उगाही करने लगे यह दृश्य एक जगह की नहीं बल्कि आने जाने वाले हाथ सड़कों पर आमतौर पर दिख रहे हैं। बाजार में आया छोटा बड़ा नगाड़ाशहर के बस स्टैंड में छोटे-बड़े अनेक नगाड़े लिखने के लिए आए हुए हैं साइज के अनुसार इनकी कीमत है। होली को अब मात्र 3 दिन ही शेष है। परंतु नगाड़े की थाप कहीं-कहीं पर ही सुनाई दे रही है। यदि बताना जरूरी है कि अभी बोर्ड एग्जाम चल रही है। 10 वीं 12 वीं के परीक्षाओं के चलते लाउडस्पीकर व अन्य कोलाहल करने वाले वस्तुओं की आवाज पर प्रतिबंध लगा दिया गया है ताकि बच्चों को शांत माहौल मिले।
होली के चलते बना उत्सुकता का माहौल
पिछले 2 वर्षों से कोरोना काल के कारण होली का जो माहौल बनना चाहिए वह नहीं बन पा रहा था लेकिन इस बार एक अच्छा माहौल बनने का अंदेशा है। पहले होली के नजदीक आते ही होली हुड़दंग कवि सम्मेलन बड़ी संख्या में होते थे परंतु इस बार कवि सम्मेलन का अता पता नहीं है। फाग गीत की मस्ती में लोग झूमते थे फाग गीत प्रतियोगिता की भी जानकारी नहीं मिल पाई है।
राजीवलोचन मंदिर में रहती है होली की धूम
भगवान राजीवलोचन मंदिर में होली की धूम रहती है। इस दिन फाग गीत के विभिन्न टीम आकर अपनी प्रस्तुति देते हैं फाग गीतों पर लोग झूम जाते हैं रंग गुलाल आपसी भाईचारा की भावना को पैदा करती है और लोग राजिम की होली को वर्षों तक याद रखते हैं।
