सूरजपुर :- नवीनीकरण होने के तुरन्त बाद उखड़ने लगा सड़क, ठेकेदार पर नियम विरुद्ध कार्य करने का लग रहा आरोप। विभागीय अधिकारियों की भी मिलीभगत। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली सड़क किस कदर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती है उसकी बानगी भैयाथान मुख्यालय से समीपस्थ ग्राम झिलमिली से माड़र, भकुरा तक बन रही सड़क बयां कर रही है।
अधिकारियों से साठगांठ कर ठेकेदार ने सड़क नवीनीकरण में इस कदर अनियमितता बरती की डामर का रंग फीका होने से पहले ही सड़क उखड़ने लगा है। पीएमजीएसवाई के तहत झिलमिली से माड़र,भकुरा तक 92.24 लाख रुपये के लागत से लगभग 12 किलोमीटर लंबी सड़क का नवीनीकरण होने से, जर्जर सड़क का अभिशाप झेल रहे क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस तो जरूर ली थी किंतु उनकी यह खुशी तब काफूर हो गई जब यह सड़क बनने के साथ ही उखड़ने लगा। जानकर बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों की सतत निगरानी के अभाव के कारण ठेकेदार ने अपनी मनमानी करते हुए प्राक्कलन के विपरीत निर्माण कराया है। निर्माण के दौरान जिन नियमों का पालन किया जाना था ठेकेदार ने उस नियम का बिल्कुल पालन नही किया। यही कारण है कि यह सड़क अस्तित्व में आने से पहले ही दम तोड़ने लगा है।
ठेकेदार को अफसरों का संरक्षण- इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि घटिया निर्माण कार्य की जानकारी विभागीय अफसरों को है इसके बाद भी कार्रवाई करने के बजाय हाथ में हाथ धरे बैठे हुए हैं। निर्माण एजेंसी को विभागीय अफसरों का संरक्षण मिल रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया जिससे सड़कों में दरार आनी शुरू हो गई है। सड़क निर्माण पूर्ण हुये ठीक से एक पखवाड़ा भी नही बिता और यह सड़क धंसकने के साथ ही इसका डामर उखडऩे लगा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क निर्माण की जांच कर कार्यवाही की भी मांग की है। प्राक्कलन के विपरीत कार्य नही किया गया है। निर्माण दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नही बरती गई है। नियमानुसार सड़क निर्माण कराया गया है। अगर सड़क उखड़ने लगी है तो यह जांच का विषय है मैं मौके पर जाकर इसकी जांच करूंगा, तद्पश्चात ही कुछ बता पाऊंगा।
अनिल गुप्ता सब, इंजीनियरिंग पीएमजीएसवाई।
