सक्ती :- बुधवारी बाजार स्थित 167 कब्जा धारियों को हटाने के लिये जिला प्रशासन ने मुहिम से वहाँ के व्यापारी परेशान रहे पूर्व में नगर पालिका परिषद सकती कि ओर से कई बार नोटिस दिया जा चुका था लेकिन बरसात के कारण हटाया जाना उचित नही था अब प्रशासन हटाने के लिये जुटी कब्जा धारियों ने स्वयं से अपने सामान हटाये जिससे प्रशासन को ज्यादा मस्कत नहीं करनी पड़ी जिला बनने के बाद नए निर्माण कार्य के लिए 50 वर्ष पुराने कब्जा हटाना जरूरी हो गया था वहाँ यातायात व्यवस्था करने में बड़ी समस्या हो रही है प्रशासन ने नगर पालिका परिषद सकती द्वारा निर्मित गुरुनानक कॉम्पेक्स को सबसे पहले तोड़ा गया लग भग सभी व्यवसायी अपने सामानों को खाली कर चुके है। इस बीच भाजपा ने बेजा कब्जा रोकने एवं मुआवजा को लेकर नगर पालिका परिषद के सामने सांकेतिक धरना दिया लोगों का कहना है कि वर्ष 2012 में जब तत्कालीन एस डी एम कार्तिकेय गोयल के नेतृत्व में बेजा कब्जा हटाया गया तब प्रदेश में भाजपा सरकार थी 2018 तक रही कुछ नहीं किया अब राजनीतिक रोटियाँ सेक रही है लोगों ने पूर्व से मानसिक रूप से तैयार थे इस लिये प्रशासन भी खाली करने के लिए पर्याप्त समय दे रही हालांकि कुछ लोग इसका विरोध कर रहे है, लेकिन समझ रहे है विकास के लिए जरूरी है।
