संगम क्षेत्र हुआ विरान, रात में अंधेरा कायम।

राजिम:-  21 फरवरी महाशिवरात्रि को प्रदेश के प्रसिद्ध माघी पुन्नी मेला संपन्न होने के बाद मंगलवार रात का दृश्य अत्यंत सुनसान रहा। शाम को 7:00 बजे जिस स्थल पर भीड़ लगी हुई थी वह विरान दिख रहा है। यहां से सभी दुकानें लगभग उठ चुकी है शासकीय स्टाल के मंडप उठाए जा रहे हैं उसके बाद तो पूरी तरह से मेला क्षेत्र का दृश्य ही बदला हुआ दिखाई दे रहा है। बताना होगा कि रेत के सड़क पर पत्थर बिछा दिए गए थे यह पत्थर अभी भी लगी हुई है कहीं-कहीं पर उठाने का काम जारी है जहां से धमतरी जिला के लोग पत्थर होने के कारण गरियाबंद जिला आने में देर नहीं लग रही है। दर्शनार्थी बाइक चलाते हुए भी श्रीकुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंच पा रहे हैं। इस बार नदी क्षेत्र में अलग-अलग सड़के बनाई गई थी जिसमें से 1 साल के सीधे अटल घाट से नेहरू घाट तक टच करती थी वहीं दूसरी सड़कें पंचेश्वर नाथ महादेव मंदिर से लेकर कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर और बेलाही घाट तथा तीसरी सड़कें लक्ष्मण झूला से लेकर सीधे नवापारा की ओर जाने वाली सड़के पर मिल जाती थी जैसे ही पत्थर पूरी तरह से हट जाएगी उसके बाद तो लोगों का आना जाना भी लगभग नगण्य हो जाएगा। महोत्सव मंच अंधेरे में तब्दीलमुक्ताकाशी महोत्सव मंच पूरे मेला क्षेत्र के रौनक बने हुए थे। यहां पर पिछले 15 दिनों तक लगातार प्रदेश के हजारों कलाकारों ने अपने कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। लोक संस्कृति को उजागर करते हुए प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सिरमौर बने रहे। वह मंच आज अंधेरे में डूबा गया। मंच व दर्शक दीर्घा के पास एक भी लाइट नहीं जल रही थी वहीं दूसरी ओर आज भी राम वाटिका में दर्शनार्थी बड़ी संख्या में पहुंच रहे थे और सेल्फी ले रहे थे। इस मौके पर राम वाटिका की भव्यता बरकरार है।                                 गौरव पथ में गंदगी का आलम

मेले से धीरे-धीरे करके सभी दुकानें उठ रही है।वह अपने साथ में गंदगी  छोड़ कर जा रही है। मंगलवार को ही गौरव पथ के पास पॉलिथीन के टुकड़े बड़ी संख्या में पड़े हुए थे। वह उड़ उड़कर आने जाने वाले लोगों को परेशान कर रहे थे। हालांकि नदी क्षेत्र में साफ-सफाई दिख रही थी लेकिन इधर मेला मैदान क्षेत्र में गंदगियों का आलम है। इन्हें साफ नहीं किया गया तो विकट स्थिति उत्पन्न हो सकती है।