सुकमा :- जनपद पंचायत सुकमा अंतर्गत सरपंच संघ के पदा धिकारियों ने मनरेगा कार्यों में नगद भुगतान और डीएमएफ मद से पंचायतों को निर्माण कार्य हेतु एजेंसी बनाने जैसी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सरपंच मंजू कवासी, हुर्रा कुंजामी, हुंगा वेट्टी, भीमा कुंजाम, माड़वी बुधरा, भीमे वंजाम व अन्य उपस्थित रहे। सरपंच संघ ने ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर को अवगत कराया है कि सुकमा जिले में लगातार मजदूर पलायन कर रहे है मनरेगा योजना का मजदूरी नगद भुगतान नहीं होने से मजदूरों को लाभ नहीं मिल रहा है, जिला पंचायत द्वारा पंचायतों को आदेश मिला है कि सभी मजदूरों का आधार लिंक करना अनिवार्य है। सुकमा जिला संवेदनशील क्षेत्रों के अन्तर्गत आता है, कई ग्रामों में आधार कार्ड भी नहीं बना हैअगर बना भी लिये हैं तो बगैर खाता सिस्टम से मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल पा रहा है। अब तक रोजगार गारंटी योजना का लाभ ठेकेदारों के हित में ज्यादा हुआ है। वैसे ही डी. एम.एफ. फंड का उपयोग हो रहा है। मजदूर काम के अभाव में दूसरे प्रदेशों में पलायन कर रहे हैं। आये दिन मिडिया में समाचार आ रहा है कि तेलंगाना, आंद्रप्रदेश, तमिलनाडू पलायन कर रहे है।
सरपंच संघ के चार सूत्रीय मांग 
सरपंच संघ ने मांग किया है कि मनरेगा योजना का मजदूरी भुगतान नगद दिया जाये, रोजगार गांरटी योजना व डी. एम. एफ. मद में 50 लाख तक कार्य ग्राम पंचायतों को निर्माण एजेंसी बनाया जाय, रोजगार गारंटी योजना व डी.एम.एफ. मद ग्राम पंचायतों ग्रामवासियों के माँग अनुसार कार्य स्वीकृति किया जाय, सुकमा जिले के लिए आबंटित बजट, ठेकेदारों के हित व राजनीतिक फायदे लिए कार्य स्वीकृति करना तत्काल बंद किया जाय।
