वेतन विसंगति को लेकर आंदोलन की राह पर शिक्षक।

नवापारा राजिम :- प्रथम सेवा से गणना करते हुए पुरानी पेंशन, क्रमोन्नत वेतनमान,वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर शिक्षक मोर्चा आंदोलन की राह पर है। 01 अप्रैल 2004 को अटल सरकार ने कर्मचारियों के पेंशन के बढ़ते भार को देखते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था को खत्म करते हुए शेयर मार्केट आधारित नई पेंशन व्यवस्था लागू कर दिया जिसे एनपीएस नाम दिया गया। अटल सरकार के जाने के बाद अन्य सरकारों ने भी इसी को क्रमशः जारी रखा। नई पेंशन योजना में पुरानी पेंशन योजना के तहत कुछ तय नही था कि सेवानिवृत्त होने पर कर्मचारियों को क्या मिलेगा कितना मिलेगा इसके लिए देश स्तर पर पुरानी पेंशन व्यवस्था की मांग को लेकर कर्मचारी आंदोलन भी करते रहे।

राजस्थान के गहलोत सरकार ने विधानसभा में अचानक से पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की घोषणा करके कर्मचारियों हित मे अभूतपूर्व निर्णय लिया। उसके कुछ महीनों बाद छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार ने भी 01 अप्रैल 2022 से पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की घोषणा किया जिसमें कहा कि शासकीय कमर्चारी को पुरानी पेंसन दिया जाएगा। अप्रैल 2022 से कर्मचारियों का nps में कटौती बन्द करके ops के तहत मूल वेतन का 12% राज्य सरकार कटौती करने लगी। इसके बाद से ही राज्य सरकार केंद्र सरकार से अपने एवं कर्मचारियों की NPS में जमा राशि मांगने लगी पर केंद्र सरकार ने NPS राशि की वापसी का ऐसा कोई प्रावधान न होने का हवाला देते हुवे जमा राशि वापसी करने से साफ इंकार कर दिया।कुछ दिन पूर्व नवा रायपुर इंद्रावती भवन से ops एवं nps विकल्प चुनने का आदेश जारी हुवा जिसके बाद ही कर्मचारियों में खासकर शिक्षक संवर्ग खुद को बीच मझधार में फसा सा अनुभव करने लगे क्योंकि उस आदेश से स्पष्ट था कि शिक्षक संवर्ग को 01 जुलाई 2018 अर्थात संविलियन की तिथि से ही OPS का लाभ मिलेगा उसके पूर्व शिक्षा कर्मी/पंचायत शिक्षक रहते लगभग 20 वर्ष की सेवाओ का कोई लाभ OPS में नही मिलेगा। इस आदेश के बाद से संविलियन की लड़ाई लड़ने वाले सभी प्रमुख संगठन एकजुट होकर प्रथम सेवा से गणना करते हुवे OPS का लाभ देने की मांग करते हुवे लामबंद हो गए है और चरणबद्ध आंदोलन को राह पर है जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन स्थानीय विधायक, सांसद, मंत्रियों को ज्ञापन एवं आंदोलनरत होंगे। राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के मध्य कमर्चारी खुद को मझदार में फसा हुवा महसूस कर रहा है । कर्मचारी इस पशोपेश में है कि यदि वो NPS चयन करता है जो की मार्केट आधारित है और गणना करने पर अधिक लाभदायक भी हो सकता है पर कर्मचारियों को उसका भविष्य अनिमितताओं व जोखिम से भरा लग रहा है ज्यादातर कर्मचारी OPS चाहते है पर उनकी मांग यही है कि उनकी सेवाओ की पूर्ण गणना किया जाए ताकि पुरानी पेंसन का पूरा लाभ उन्हें एवं उनके आश्रितो को मिल सके।