अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, आरोपी ने आवेश में आकर की थी हत्या।

सुरेन्द्र मिनोचा:

कोरिया:- जिले के सोनहत थाना क्षेत्र अंतर्गत हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है तथा मामले में आरोपी पति व उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उपरोक्त संबंध में पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सूचनाकर्ता चन्दूलाल राजवाड़े थाना आकार सूचना दिया कि इसका बड़ा भाई हीरालाल राजवाड़े शाम करीब 07.00 बजे उसके घर आया था और कृष्णा राजवाड़े के घर जा रहा हूं कहकर निकला था पर कृष्णा राजवाड़े के घर नहीं पहुंचा। सुबह करीब 06.00 बजे हीरालाल राजवाड़े की लाश पवन राजवाड़े की बाड़ी मे पड़ी पायी गई।उक्त सूचना पर थाना सोनहत मे मर्ग कायम कर पंचनामा कार्यवाही की गई।पंचनामा साक्षियों द्वारा मृतक की मृत्यु का कारण अज्ञात होने से शव का पीएम कराने सहमति दी गई,जिसके आधार पर मृतक हीरालाल राजवाड़े के शव का पीएम कराया गया।शव की पीएम रिपोर्ट में मृतक की मृत्यू गला घोंटने से होना पाये जाने से अज्ञात अभियुक्त के विरुद्ध अपराध क्रमांक 33 / 2023 अन्तर्गत धारा 302 भा.द.वि. का प्रकरण पंजीकृत कर विवेचना मे लिया गया। प्रकरण से जुड़े सभी साक्षियों से पूछताछ की गई। परन्तु कोई सुराग नही मिल रहा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए आईजी रामगोपाल गर्ग द्वारा सोनहत थाना प्रभारी को ग्राम घुघरा में कैंप करने निर्देशित किया गया, जिसके अनुक्रम में लगातार ग्राम घुघरा मे पुलिस टीम कैंप कर रही थी।पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल द्वारा स्वयं घटना स्थल का निरीक्षण कर थाना सोनहत व सायबर सेल की संयुक्त स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित कर विवेचना हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिये गये तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित झा, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी कविता ठाकुर द्वारा लगातार इन्वेस्टिगेशन टीम की मॉनीटरिंग की जा रही थी। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम द्वारा घटना स्थल ग्राम घुघरा के मामले से जुड़े सभी व्यक्तियों, गांव के निवासियों तथा घटना स्थल व मृतक के घर के आस पास के प्रत्येक व्यक्तियों से बारीकी से पूछताछ की गई। पूछताछ पर मिली जानकारी के आधार पर प्रकाश मे आए सभी संदेहियों की गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही थी सभी संदेहियों के मोबाईल की सीडीआर को खंगाला जा रहा था, मृतक के बैक ग्राउण्ड तथा डेली रुटीन एवं जिन व्यक्तियों के साथ उसके संपर्क थे उन सभी से पूछताछ की गई, इसी दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि मृतक पैदल आने जाने के लिए हमेशा शॉर्ट कट रास्तों का इस्तेमाल करता था।वह आवागमन के मार्ग का कम ही इस्तेमाल करता था,अक्सर दीवाल फांदकर एवं दूसरों की बाड़ी से गुजरकर स्वयं के बनाए शार्ट रूट्स का इस्तेमाल करता था। मृतक के भाई चन्दूलाल से कृष्णा राजवाड़े के घर जाने के रास्ते में पड़ने वाले सभी व्यक्तियों के घर जाकर प्रत्येक सदस्य से बारीकी से पूछताछ की गई,साथ ही स्निफर डॉग को मौके पर बुलाकर मृतक के आने जाने के ट्रैक को तलाशने का प्रयास किया गया लोकल खबरी नेटवर्क को सकिय किया गया, जिससे प्राप्त सूचना के आधार पर संदेही पवन राजवाडे और उसकी पत्नी सोनामती राजवाड़े से पूछताछ की गई।प्रारंभिक पूछताछ में दोनो खुद को मामले से अनभिज्ञ बताते रहे परन्तु दोनो से अलग अलग पूछताछ करने पर दोनो बार बार अपना बयान बदल रहे थे। दोनो से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर अंततः पवन राजवाडे ने अपना अपराध कबूल करते हुए बताया कि शाम करीब 07.30 बजे उसने हीरालाल को अपनी पत्नी के साथ देख लिया, और आवेश मे आकर घर में रखी रस्सी से हीरालाल का गला घोंटकर हत्या कर दिया। हत्या करने के बाद लाश को पत्नी के साथ उठाकर घर के पीछे बने कोठार मे रख दिया।अभियुक्त पवन राजवाड़े तथा उसकी पत्नी सोनामति राजवाड़े के विरुद्ध अपराध घटित करने के प्रथम साक्ष्य प्रमाणित पाये जाने से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा दिया गया है। संपूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ द्विवेदी, स.उ.नि. रघुनाथ सिंह मरावी, प्रधान आरक्षक जेण्डर तिर्की,आरक्षक तुशान्त पाटले, राजेन्द्र सिंह, नगर सैनिक महीपाल राजवाडे, अमरसाय राजवाडे, शंमू राजवाडे, सायबर सेल से प्रधान आरक्षक नवीन दत्त तिवारी,आरक्षक रामायण श्याम प्रधान,आरक्षक अरविन्द कौल, महिला प्रधान आरक्षक गीता टोप्पो,महिला आरक्षक नीलम,रीता सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।