मैनपुर के महेन्द्र साहू ने रामायण में विश्वमोहनी की कथा सुनायी।

राजिम। माघी पुन्नी मेला में मंगलवार को सांस्कृतिक मंच क्रमांक 02 और 03 पर रामकथा की अविरल धारा बहने लगी। जैतपुरी मैनपुर के महेन्द्र साहू ने रामायण प्रस्तुत किया। उन्होंने विश्वमोहनी की कथा बताते हुए कहा कि चकाचौंध की दुनिया से लोगों को दूर रहना जरूरी है। ज्यादा सुंदरता कभी भी परेशानी में डाल सकती हैं। नारद ऋषि विश्वमोहनी की सुंदर स्वरूप पर इस कदर मोहित हुए कि वह अपना कर्म भूल गया। तब विष्णु ने वरण करते हुए विश्ममोहनी को अपना लिए, लेकिन इससे नारद रूष्ट हो गयें। जीवन एक समान नहीं रहता। सुख और दुःख दोनों आता जाता रहता है।

दुःख में ज्यादा घबरानें की आवश्यकता नहीं है तथा सुख में ज्यादा प्रसन्न होने की आवश्यकता नहीं हैं। परसट्ठी कुरूद के विष्णु प्रसाद साहू ने पण्डवानी प्रस्तुत किया, चंपारण रायपुर के होमन यदु ने जगराता में एक से बड़कर एक भजन प्रस्तुत किया। सातधार गरियाबंद के मोहित मोंगरे ने कमार नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। रायपुर के अनित कुमार साहू ने जय मां चण्डी जगराता ग्रुप के माध्यम से शानदार भजनें प्रस्तुत किया। जिनमें प्रमुख रूप से मोर गांव के ठाकुर…, चैत कुंवार मा आबे दाई…, डोंगरी पहाड़ छोड़ आबे… जैसे सुपरहिट भजनों पर आवाज दी। आर्गन पर नरेन्द्र तारक, पैड पर तरूण निषाद ने संगत किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रभारी पुरूषोत्तम चन्द्राकर समेत मंच संचालन महेन्द्र पंत, किशोर निर्मलकर एवं मनोज सेन ने किया।