केन्द्र सरकार के बजट से देश के लगभग 28 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिकाओं में निराशा।

मनेंद्रगढ़:- छत्तीसगढ़ के एक लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के प्रान्तीय नेता सरिता पाठक, रूखमणी सज्जन, हेमा भारती, गजेन्द्र झा, कल्पना चन्द्र, पिंकी ठाकुर, पार्वती यादव, सुचित्रा मनिकपुरी, संतोषी वर्मा ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा संसद में वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट प्रस्तुत किया गया है,लेकिन उस बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिकाओं के मानदेय वृद्धि और पेंशन ग्रेज्युटी का प्रावधान नहीं रखा गया है। यह केन्द्र सरकार का बजट महिलाओं के लिये निराशा जनक है। केन्द्र सरकार के महिला सशक्ति करण की बात थोथी साबित हो रही है।जिसके कारण देश के लगभग 28 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं में आक्रोश व्याप्त है और आज छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी कार्यकताओं, सहायिकाओं ने सभी जिलों में केन्द्र सरकार के बजट के प्रति का प्रतिकात्मक स्वरूप दहन किया। संयुक्त मंच के प्रान्तीय नेताओं द्वारा यह भी कहा गया कि केन्द्र सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा के रूप में पेंशन ग्रेज्युटी का बजट में स्पष्ट प्रावधान करें अन्यथा संसद में जिस दिन महिला एवं बाल विकास विभाग का बजट प्रस्तुत होगा उस दिन छत्तीसगढ़ की हजारों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिकाएं दिल्ली पहुंचकर संसद के समक्ष जंगी प्रदर्शन करेंगे। राज्य सरकार के वायदा खिलाफी और केन्द्र सरकार के उपेक्षा पूर्ण रवैया से त्रस्त होकर और उनसे जीने लायक वेतन और बुढ़ापे की सहारा, सामाजिक सुरक्षा के रूप में पेंशन ग्रेज्युटी की मांग को लेकर 23 जनवरी से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका लगातार अपने जिले में धरना प्रदर्शन कर शासन का ध्यानाकर्षण कर रहे है लेकिन आज 15 दिन होने को है ना तो विभागीय मंत्री मिली है और ना ही मुख्य मंत्री जी ने कोई सुध ली है और इसी तरह ना ही केन्द्र सरकार के कोई प्रतिनिधि ने हमसे इस संबंध में चर्चा की है। केन्द्र सरकार के प्रस्तुत बजट में हमारे लिये कोई प्रावधान नहीं होने के कारण बजट के प्रति का आज सामूहिक रूप से दहन किया गया है। कल 07/02/2023 को केन्द्र और राज्य सरकार को कुम्भकरणीय नींद से जगाने के लिये सभी जिलों के पण्डाल में थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। जिसकी गूंज संसद दिल्ली और विधान सभा रायपुर तक पहुंचाने की कोशिश की जायेगी।