चौबेबांधा पुल के उखड़ी गिट्टी क्या मेला शुरू होने से पहले होगी मरम्मत

राजिम :- शहर से लगा हुआ चौबेबांधा राजिम परसवानी पुल की गिट्टी उखड़ने से सड़क दरदरा हो गया है। पैदल चलने वाले राहगीरों को सबसे ज्यादा तकलीफ उठानी पड़ रही है खुले पांव चलने से गिट्टियों की नुकीली भाग चुभ जाते हैं। करीब 500 मीटर लंबी उच्च स्तरीय पुल सन् 2005 में बनकर तैयार हुआ और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने इनका उद्घाटन किया था। तब से लेकर 17 सालों में इनकी सड़कों को चिकनी नहीं बनाई गई। जिसके कारण राहगीर नाराजगी व्यक्त करते रहते हैं। अब तो गिट्टियां उखड़ने के कारण सीमेंट दिख रही है। जानकारी के मुताबिक यह धमतरी पीडब्ल्यूडी के देखरेख में था परंतु अब राजिम पीडब्ल्यूडी उनकी रखरखाव कर रहा है। पैदल चलने वाले के पांव में नुकीली गिट्टी चुभ जाते हैं। पुल में अनेक बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि माघी पुन्नी मेला के समय साफ-सफाई तथा सड़क को चिकनी करने की उम्मीदें रहती है लेकिन मात्र इन वर्षों में दो-तीन बार ही साफ सफाई किए गए हैं उसके बाद तो जस का तस पड़ा रहा। अभी पुल के दोनों किनारे छोटी-छोटी गिट्टी तथा रेत का ढेर लगा हुआ है। धोखे से भी पानी गिर जाए तो पुल में पानी भर जाएगा। इस बार तो इनका रंग रोगन भी नहीं किया गया है। मात्र बिजली विभाग ने खंभे पर लाइट लगा दी है। इससे अब शाम होते ही उजाला जरूर हो जाता है। साल भर न सही 15 दिनों तक तो राहगीरों को लाइटों की रोशनी से आने जाने का मौका मिल रहा है। प्रदेश सरकार के द्वारा माघी पुन्नी मेला के चलते शहर की सड़कों का डामरीकरण किया जा रहा है। राहगीर पूछ रहे हैं कि क्या चौबेबांधा पुल भी चिकनी हो पाएगी या फिर नुकीली गिट्टी से भरा ही रहेगा। इस पुल के सड़क को डामरीकरण करने की अत्यंत आवश्यकता है। साफ-सफाई तथा रंग रोगन भी जरूरी है।

पूरे 15 दिनों तक हैवी गाड़ियां इसी मार्ग से पहुंचेगी जिला मुख्यालय, मेला शुरू होते ही सभी बड़ी गाड़ियां इसी मार्ग से होकर जिला मुख्यालय गरियाबंद तथा राजधानी रायपुर के लिए नवागांव नवापारा होते हुए प्रस्थान करेगी। धमतरी, कुरूद, दंतेवाड़ा, नगरी, सिहावा भी इसी मार्ग से पहुंचा जाता है। यह मार्ग अत्यंत व्यस्त हो जाता है। ट्रैफिक को कवरेज करने के लिए रूट बदलकर प्रत्येक वर्ष इन्हें बाईपास बनाया जाता है। संगम के तीनों पुल में चौबेबांधा पुल चकाचक नहीं। आज गुरुवार है और रविवार को माघी पुन्नी मेला है। मात्र 3 दिन बचे हुए हैं और चौबेबांधा पुल की सड़कें को चकाचक नहीं किया गया है यह चर्चा का विषय बन गया है। इस मार्ग से गुजरने वाले प्रत्येक लोगों की जुबान पर यही प्रश्न हैं कि सरकार इस पुल की सड़क को चिकनी करेगी या फिर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा जाएगा। बताना जरूरी है कि यहां तक पार्किंग व्यवस्था की जाती है भीड़ बढ़ने के साथ ही पुल के नीचे भी पार्किंग व्यवस्था को दिया जाता है। साथ ही बेरियर लगाकर सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग सिपाही तैनात करते हैं।