सेवानिवृत्त पर प्रधान पाठक के कार्यों का बखान करते नहीं थक रहे

राजिम:- शिक्षकीय दायित्वों को पूरी निष्ठा, कर्मठता एवं ईमानदारी से निर्वहन करना अपने आप में बड़ी बात है। शिक्षक की पात्रता, पवित्रता और प्रामाणिकता ही उत्कृष्ट और सम्मान का भाव जागृत करता हैं। ऐसे शिक्षक का होना क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। ऐसे ही एक शिक्षक की बात कर रहे हैं जो अर्धवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए है। बुडेनी के प्रधानपाठक पुनाराम साहू अपने कर्मठता, निष्ठा से कर्तव्य पथ पर सदैव अग्रसर रहते हुए उच्चतम विचारों के धनी रहे हैं। जो सदैव समाज के लिए शिक्षक ही रहेंगे।
क्योंकि शिक्षक, शैक्षिक पद से निवृत्त होता है, अपने कर्तव्य व दायित्वों से कभी नहीं। गौरवशाली शिक्षकीय परम्परा को नया आयाम दिया है, ज्ञान, सेवा और संस्कारों को सदा पूजनीय मानने वाले शिक्षक को जीवन भर गुरूजी या मास्टर की संज्ञा से सुशोभित कर सम्मानित किया जाता है। गुरूदेव पुनाराम साहू का जीवन समाज व शिक्षा के लिए समर्पित आदर्श शिक्षक के रूप में रहा हैं। परिवार में उनके पुत्र और पुत्रवधू विभिन्न शासकीय सेवा में कार्यरत होकर देश की सेवा कर रहे हैं । 20 वर्षों से साहू समाज के अध्यक्ष पद में रहकर कर्तव्यों का निर्वहन कर समाज को जागृत करने का प्रयास किया तथा साहू कर्मचारी प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी भी निभाते रहे हैं।आज इनके द्वारा पढ़ाये हुए विधार्थी शिक्षक, डाक्टर, इंजीनियर, पुलिस,विभिन्न शासकीय सेवाओं में कार्यरत हैं। आपका आशीर्वाद सदा मिलता रहें।ईश्वर आपको समृद्ध एवं सुखमय जीवन प्रदान करें यही मंगल कामना हैं । आप के मार्गदर्शन में बहुत कुछ सीखने को मिला। आपके खुशमिजाज, उत्साह, कर्तव्यनिष्ठता और स्टाफ़ के आपसी सहयोग व तालमेल के कारण शासकीय प्राथमिक शाला बुड़ेनी विभिन्न स्तर के कार्यक्रम में शामिल होकर सम्मानित हुआ है। उत्कृष्टतापूर्वक एवं निर्विवाद रूप से 62वर्ष तक शिक्षकीय जीवन यात्रा पूर्ण करने के लिए शिक्षक एवं शायर जितेन्द्र सुकुमार साहिर, रूपेश कुमार सोनी, वंदना साहू, स्वाति सोनी, लोचन राम सिन्हा, पिंकी पटेल, माध्यमिक शाला बुड़ेनी के समस्त स्टाफ़, शाला विकास समिति के अध्यक्ष ने बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित किया।