श्रीमद्भागवत महायज्ञ के समापन पर हुआ ग्राम अरण्ड में भव्य कवि सम्मेलन
(आत्मरंजन कवि सम्मेलन में दिया नारी सशक्तिकरण, संस्कृति एवम प्रकृति संरक्षण का संदेश)

राजिम:-अंचल के जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता एवम सेवानिवृत्त प्रधानपाठक श्री बैसाखू राम साहू के निज आवास में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह के अवसर पर भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रामावतार साहू वरिष्ठ नागरिक अरण्ड ने किया।कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे की वंदना के साथ हुआ,सुमधुर गीतकार रोहित कुमार साहू,”माधुर्य”ने माँ शारदे की वंदना प्रस्तुत किया, इसके बाद कवि मकसूदन साहू “बरीवाला “ने अपने हास्य व्यंग्य के माध्यम से लोगों को खूब गुदगुदाया, तो कवि संतोष कुमार साहू,”प्रकृति ने बारामासी गीत के माध्यम से संस्कृति संरक्षण पर धारदार रचना पढ़ी।युवा कवि छग्गु यास “अडील”,ने छत्तीसगढ़ महतारी की स्तुति करते हुए मनभावन रचना प्रस्तुत किया।भावुक कवि मोहनलाल मणिकपन ने देशभक्ति से ओत प्रोत संस्कार प्रद रचना पढ़कर खूब समा बांधा।तो कवि रोहित माधुर्य ने नशाबंदी, स्वच्छता अभियान पर लाजवाब रचना प्रस्तुत करके मंच को ऊँचाई प्रदान किया, अंतिम कवि के रूप में कार्यक्रम संचालन कर रहे कवि श्रवण कुमार साहू,”प्रखर’,ने बेटियों, किसानों, कोरोना जागरुकता, जैसे अनेक समसामयिक विषयो पर ताबड़तोड़ प्रस्तुति देकर लोगो को सोचने पर मजबूर कर दिया।आभार प्रदर्शन करते हुए श्री बैसाखू राम साहू ने कहा कि,साहित्य एवम संस्कृति समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा से,साहित्यकार अपने लेखनी के माध्यम से जन जागरण करके वर्तमान पीढ़ी को जागरूक कर सकते हैं ।श्रोताओं से खचाखच भरी हुई इस कवि सम्मेलन में भूपेंद्र लिकमचन्द, लोकेश,सत्यम,कोमल,जगदीश, भीखु राम,चंदुराम, हीरालाल सहित गांव के काव्य रसिको ने देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन का जमकर आंनद लिया।
