राजिम 16 जनवरी। नगर से लगा हुआ गांव चौबेबांधा निवासी युवा कवि एवं साहित्यकार, लेखक संतोष कुमार सोनकर मंडल को उनकी लेखन कौशल के माध्यम से साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों को जनमानस में उजागर करने तथा जन जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए हिंदी साहित्य भारती जिला गरियाबंद ने अग्रदूत सम्मान से नवाजा है। पारागांव में आयोजित दो दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय रामायण सम्मेलन कार्यक्रम में उपस्थित हिंदी साहित्य भारती के जिला अध्यक्ष एवं राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक मुन्नालाल देवदास, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक गायक फागूराम तारक, चिखली के रामायण व्याख्याकार गिरवर प्रसाद गंधर्व, जय भोले मानस परिवार के अध्यक्ष भोले सोनकर, मम् राजीवलोचन ब्लॉक मानस संघ फिंगेश्वर के सचिव उमेश साहू, ओमप्रकाश सिन्हा ने यह सम्मान अपने करकमलों से प्रदान किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित थे। श्री सोनकर को प्रशस्ति पत्र एवं श्रीफल जैसे ही अतिथियों ने प्रदान किया तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मंच एवं श्रोता दीर्घा गूंज उठा। उल्लेखनीय है कि श्री सोनकर विगत दो दशक से कविता, कहानी, आलेख सहित सांस्कृतिक व अनेक गतिविधियों पर लगातार काम कर रहे हैं।

इनके कार्यों से प्रभावित होकर हिंदी साहित्य भारती जिला गरियाबंद ने इन्हें अग्रदूत सम्मान से नवाजा है। इस मौके पर मुन्नालाल देवदास कहा कि श्री सोनकर के साहित्यिक अवदान तारीफ ए काबिल है। वह दिन रात एक कर साहित्य को गति देने का महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। इससे ना सिर्फ राजिम क्षेत्र गौरवान्वित है बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ सहित देशभर में अंचल का नाम अपनी लेखनी के माध्यम से पहुंचा रहे हैं। इनको सम्मानित करते हुए हमारी हिंदी साहित्य भारती जिला गरियाबंद गौरवान्वित है। इस अवसर पर लेखक संतोष कुमार सोनकर मंडल ने कहा कि साहित्यकार का सम्मान मानस मंच में हुआ है यह मेरे जीवन का महत्वपूर्ण क्षण है। किए गए कार्यों का आकलन जरूर होता है इसलिए हमें अपने कर्म पथ में निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। समय आने पर उसका फल मिल ही जाता है। ईश्वर ने हमें प्रकृति के रूप में बहुत कुछ मुफ्त में दिया है हमें भी प्रकृति को कुछ देने का प्रयत्न करना चाहिए। साहित्य समाज का दर्पण है।
साहित्यकार जब लिखता है तो उनकी कलम में ताकत होती है जिसके बदौलत वह परिवेश को ही बदल देता है। इस मंच में सम्मानित होने के लिए मैं पूरे आयोजक समिति एवं हिंदी साहित्य भारती का आभार प्रकट करता हूं। उन्हें बधाई देने मे प्रमुख रूप से प्रयाग साहित्य समिति के अध्यक्ष टीकमचंद सेन, जिला रत्नांचल साहित्य परिषद के अध्यक्ष वीरेंद्र साहू, व्यंग्म साहित्य परिषद के अध्यक्ष काशीपुरी कुंदन, राजिम टाइम्स से तुकाराम कंसारी,श्रीराम संगीत कला केंद्र के आचार्य तुलाराम साहू,शायर जितेंद्र सुकुमार साहिर, गायक दीपक श्रीवास, साहित्यकार पुरुषोत्तम चक्रधारी, व्यंग्यकार संतोष सेन, हास्य कवि गोकुल सेन, फिंगेश्वर के पूर्व सरपंच दूजलाल बंजारे, नवापारा से किशन सोनकर, कवि राजेश राजपूत, प्रदीप साहू कुंवरदादा,साहित्यकार नूतन साहू, गोकुल साहू, वेदप्रकाश नागरची, राजेश साहू राज, फनेंद्र साहू मोदी, विष्णुराम जांगड़े, मनोज सेन, हलधर नाथ योगी, उमेश श्रीवास सरल, गोकुल साहू आदि है।
