*अध्यक्ष से लेकर पार्षद तक कांग्रेस का कब्जा, अब “फ़र्श से अर्श तक” भाजपा को पहुंचाने की जिम्मेदारी जी. वेंकट के कंधों पर; कांग्रेस की ओर से विधायक विक्रम मंडावी और बसंत टाटी संभालेंगे मोर्चा*
भोपालपट्टनम – नगर पंचायत चुनाव को लेकर भोपालपट्टनम में सियासी सरगर्मी तेज होने लगी है। वर्तमान में नगर पंचायत की पूरी सत्ता कांग्रेस के कब्जे में है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से लेकर सभी पार्षद कांग्रेस के हैं। ऐसे में आगामी चुनाव भाजपा के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा। पार्टी के सामने शून्य से शुरुआत कर नगर पंचायत में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने और कांग्रेस के मजबूत किले में सेंध लगाने की चुनौती है
भाजपा हाईकमान ने चुनावी रणनीति की कमान प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिले के वरिष्ठ नेता जी. वेंकट को चुनाव प्रभारी के तौर पर सौंपी है। ऐसे में अब उनके सामने भाजपा को “फ़र्श से अर्श तक” पहुंचाने और नगर पंचायत में पार्टी का खाता खोलने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
*कांग्रेस का पांच साल निकाय सत्ता में रहने के बावजूद विकास पर उठ रहे सवाल , पार्षदो की कार्यसेली रही चर्चा में*
कांग्रेस के मौजूदा नगर पंचायत बोर्ड के सामने भी इस बार जनता के बीच अपने पांच साल के कार्यकाल का हिसाब देने की चुनौती होगी। पिछले पांच वर्षों से नगर निकाय की पूरी सत्ता कांग्रेस के पार्षदों के हाथ में होने के बावजूद विकास कार्यों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। विपक्ष और स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी रही है कि अपेक्षित विकास कार्य धरातल पर उस गति से नहीं हो पाए, जिसकी उम्मीद नगरवासियों को थी।
वहीं पार्षद निधि सहित विकास कार्यों के लिए मिलने वाली राशि के उपयोग को लेकर भी कथित अनियमितताओं और राशि के गोलमाल की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
ऐसे में चुनाव के दौरान यह मुद्दा कांग्रेस के लिए असहज सवाल बन सकता है कि पांच साल में वार्डवार कितने विकास कार्य हुए और उनके लिए स्वीकृत निधि का कितना और किस तरह उपयोग किया गया
*नगरपंचायत में एक तरफ कांग्रेस का पूरा बोर्ड, दूसरी तरफ भाजपा को खाता खोलने की चुनौती*
भोपालपट्टनम नगर पंचायत का आगामी चुनाव कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस जहां अपने मौजूदा दबदबे को बरकरार रखना चाहेगी, वहीं भाजपा के लिए यह चुनाव ‘जीरो से वापसी’ की परीक्षा होगा।
भाजपा के सामने चुनौती सिर्फ सीट जीतने की नहीं, बल्कि वार्ड स्तर पर संगठन को मजबूत कर कांग्रेस के कब्जे वाले वार्डों में प्रभावी मुकाबला खड़ा करने की भी है। वहीं कांग्रेस के सामने अपने पांच साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने और विपक्ष के विकास संबंधी सवालों का जवाब देने की चुनौती होगी।
*मंडावी-टाटी बनाम जी. वेंकट—किसके पक्ष में जाएगा जनादेश?*
कांग्रेस की ओर से विधायक विक्रम मंडावी और बसंत टाटी चुनावी मोर्चा संभालेंगे , दोनों नेताओं के सामने मौजूदा कांग्रेस बोर्ड को बचाने के साथ संगठन को एकजुट रखने और भाजपा की चुनौती को रोकने की जिम्मेदारी होगी
अब असली मुकाबला रणनीति, संगठन और जनता के मुद्दों का होगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट भाजपा को शून्य से उठाकर नगर पंचायत की सत्ता के शिखर तक पहुंचाने में कितना सफल होते हैं और विक्रम मंडावी-बसंत टाटी कांग्रेस के पांच साल पुराने किले को बचा पाते हैं या नहीं—इसका फैसला मतदाता करेंगे , प्रदेश उपाध्यक्ष जी.वेंकट को पिछले विधानसभा चुनाव में जो जिम्मेदारिया मिली थी उन चुनोतियो को अपनी चाणक्य नीति से सफल कर भाजपा को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी
आगामी चुनाव में विकास, निधि का उपयोग, वार्डों की समस्याएं और पांच साल का रिपोर्ट कार्ड प्रमुख चुनावी मुद्दे बन सकते हैं। प्रत्याशियों के चयन और वार्डवार राजनीतिक समीकरण सामने आने के बाद भोपालपट्टनम का सियासी मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।
*मंगलवार को हुआ नगरपंचायत चुनाव के लिए आरक्षण*
वार्ड आरक्षण — भोपालपटनम
1. वार्ड क्रमांक 01 – ST मुक्त
2. वार्ड क्रमांक 02 – ST मुक्त
3. वार्ड क्रमांक 03 – ST महिला
4. वार्ड क्रमांक 04 – ST महिला
5. वार्ड क्रमांक 05 – ST मुक्त
6. वार्ड क्रमांक 06 – ST मुक्त
7. वार्ड क्रमांक 07 – अनारक्षित महिला
8. वार्ड क्रमांक 08 – ST महिला
9. वार्ड क्रमांक 09 – अनारक्षित पुरुष
10. वार्ड क्रमांक 10 – अनारक्षित पुरुष
11. वार्ड क्रमांक 11 – अनारक्षित महिला
12. वार्ड क्रमांक 12 – ST मुक्त
13. वार्ड क्रमांक 13 – अनारक्षित पुरुष
14. वार्ड क्रमांक 14 – अनारक्षित पुरुष
15. वार्ड क्रमांक 15 – SC आरक्षित
आरक्षण के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के लिए आने लगे नाम , भाजपा – कांग्रेस में बढ़ने लगी चिंता
वार्ड आरक्षण के साथ चुनावी सरगर्मी तेज, भोपालपटनम में वार्ड आरक्षण सामने आते ही सियासी मैदान सजने लगा है। दावेदारों ने अभी से ताल ठोकनी शुरू कर दी है। युवा पत्रकार चेतन कापेवार ने वार्ड क्रमांक 10 से चुनावी मैदान में उतरने का दावा कर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है , वन्ही अन्य वार्डो में भी निर्दलीय प्रत्याशियों के नाम आने लगे जिससे भाजपा एंव कांग्रेस दोनो ही पार्टियों को चिंता सताने लगी
