प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जिलों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है, 2000 से अधिक घरों में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र


धमतरी – सूर्य की ऊर्जा को घर-घर की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में धमतरी जिले में तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य गृह निःशुल्क बिजली योजना से जिले के नागरिकों के बीच स्वच्छ ऊर्जा के प्रति नया उत्साह पैदा हुआ है। बिजली के खर्च में राहत, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की यह पहल अब शहरों से आगे कश्मीर तक पहुंच रही है। जिले में अब तक 2,031 कारखानों में असैनिट प्लांट स्थापित किये जा चुके हैं। हितग्रही बोल रहे सूर्य देवता के आशीर्वाद से मुफ्त बिजली।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी 2024 को ‘पीएम सूर्य घर रू मुफ्त बिजली योजना’ शुरू करने की घोषणा की थी। इससे पहले 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद उन्होंने एक करोड़ घरों को छत से जोड़ने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना’ की परिकल्पना सामने रखी थी। बाद में इसे ‘पीएम सूर्य घर रू मुफ्त बिजली योजना’ का स्वरूप दिया गया। केंद्र सरकार ने 75,021 करोड़ रुपये की योजना बनाई है और एक करोड़ परिवारों को छत से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। पात्र परिवार को 3 किवॉट तक के संयंत्र में स्थापित संयंत्र के अनुसार केंद्रीय वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

धमतरी में योजना की प्रगति, इसका लक्ष्य बताया गया है। माह अगस्त 2026 तक जिले में 7,177 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 7,175 की फिजिबिलिटी शामिल हुई। 6,034 हितग्राहियों ने विक्रेताओं का चयन किया और 2,031 घरों में प्लांट स्थापित किये गये। स्थापना के बाद 1,938 प्रकरणों का निरीक्षण हुआ। 1,745 हितग्राहियों की अंतिम रिडीम हुई, 1,627 एपिसोड्स में पिज्जा और 1,555 हितग्राहियों की अंतिम यात्रा है।

जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में यह योजना एक नये रूप में सामने आ रही है। नगरी विकासखंड का ग्राम तेनही जिले का पहला गांव बना है, जहां सामूहिक सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना की गई है। गांव के 71 परिवारों के लिए 2-2 किलोवाट यानी कुल 142 किलोवाट क्षमता का सामूहिक सोलर प्लांट लगाया गया है। गांव से लगभग 50 से 75 मीटर की दूरी पर उपलब्ध भूमि पर स्थापित इस संयंत्र के लिए राशी से दूरी नहीं ली गई है। आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी तरह से विद्युत उत्पादन और घर में होने वाले कनेक्शन की प्रक्रिया से आगे।

कार्यपालन आर्किटेक्ट्स  अनिल सोनी के अनुसार जिले के ऐसे 55 क्षेत्र का चयन किया गया है, जहां पक्की छत वाले मकानों की सीमाएँ सीमित हैं और खपरैल वाले मकान अधिक हैं। ऐसे में वेंडर्स द्वारा रियायती राशि के माध्यम से आवश्यकता के अनुसार प्लांट प्लांट लगाए जा रहे हैं। तेनही के ग्रामीण श्री इंद्र सिंह नेता इस गांव के लिए खुशी और राहत का अवसर देते हैं। उनका मानना ​​है कि बिजली बिल की चिंता कम होगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

नाथूकोना सहित ग्राम जिलों के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी सौर ऊर्जा को जनभागीदारी और स्थानीय समुदायों से जोड़ने की दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं। प्रॉडक्ट मिशन बिहान के माध्यम से ‘सोलर सिस्टर्स’ के लिए नामांकन और प्रशिक्षण की शुरुआत की जा रही है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को स्टूडेंट और सर्विसेज से जोड़ा जा सके। उन्हें कारखानों के संचालन, आवश्यक सावधानियां और ग्रामीण स्तर पर सौर ऊर्जा उपलब्ध की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की सेवा यात्रा के अवसर पर सेवा, जन कल्याण और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रयास के बीच धमतरी की यह तस्वीर उल्लेखनीय है। यहां सौर ऊर्जा केवल बिजली का वैकल्पिक स्रोत नहीं बन रही है, बल्कि यह आर्थिक बचत, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण उत्पादन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को एक साथ आगे बढ़ाने का माध्यम बन रही है। रजिस्ट्रार श्री अविनाश मिश्रा ने योजना की प्रक्रिया के लिए समयबद्धता, रेज़्यूमे और जनसुलभ बनाने और सेमेस्टर एपिसोड के लिए निर्देश दिए हैं। धमतरी में सूर्य की रोशनी अब घरों को रोशन करने के साथ विकास और आत्मनिर्भरता की नई राह भी प्रकाशित कर रही है।