प्रदेश में संगठन विस्तार और जनसेवा के कार्यक्रमों पर हुई विस्तृत चर्चा, मजबूत राजनीतिक शक्ति बनाने का मिला मार्गदर्शन।
भानुप्रतापपुर – शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) के छत्तीसगढ़ संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई स्थित मातोश्री पहुंचकर शिवसेना के राष्ट्रीय प्रमुख एवं पूर्व महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव साहब ठाकरे से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ में संगठन द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं जनहित के कार्यों तथा आगामी संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर शिवसेना नेतृत्व के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की।प्रदेश महासचिव चन्द्रमौली मिश्रा के नेतृत्व में मुंबई पहुंचे शिवसेना प्रतिनिधिमंडल ने मातोश्री में शिवसेना के राष्ट्रीय सचिव एवं विधायक संजय राउत, मुंबई से शिवसेना सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई सहित अन्य वरिष्ठ शिवसेना नेताओं से भी मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में संगठन की वर्तमान स्थिति, विभिन्न क्षेत्रों में चलाए जा रहे कार्यक्रमों, जनसमस्याओं को लेकर किए जा रहे आंदोलनों तथा संगठन के विस्तार को लेकर विस्तृत जानकारी वरिष्ठ नेतृत्व के समक्ष रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने शिवसेना नेतृत्व को बताया कि छत्तीसगढ़ में संगठन द्वारा लगातार आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं को जानने, उनके हक और अधिकार के लिए आवाज उठाने तथा सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है।
मुलाकात के दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव साहब ठाकरे एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं ने छत्तीसगढ़ से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का मार्गदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश में संगठन की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए संगठन को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने पर जोर दिया। शिवसेना नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को पार्टी के विचार एवं उद्देश्यों को छत्तीसगढ़ के गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
नेतृत्व ने कहा कि शिवसैनिकों को हिन्दूहृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के विचारों एवं उनके सामाजिक सरोकारों से प्रेरणा लेते हुए जनता के बीच सक्रिय रहना चाहिए। संगठन का मूल उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को समझना और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना होना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में 80 प्रतिशत समाजसेवा और 20 प्रतिशत राजनीति के सिद्धांत को आधार बनाकर संगठन को मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य करने का संदेश दिया।
शिवसेना नेतृत्व ने प्रतिनिधिमंडल को निर्देशित किया कि प्रदेश में संगठन का विस्तार केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्गों के बीच पहुंचकर जनसेवा के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में जनसमस्याओं को उठाने तथा आम जनता के हित में संघर्ष करने से संगठन को जमीनी मजबूती मिलने की बात कही गई।
प्रदेश महासचिव चन्द्रमौली मिश्रा ने शिवसेना नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ में पार्टी के कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संगठन को मजबूत करने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व से मिले मार्गदर्शन के अनुरूप प्रदेश में सामाजिक सेवा, जनहित के मुद्दों और संगठन विस्तार के कार्यक्रमों को और गति दी जाएगी।
मुंबई में हुई इस महत्वपूर्ण मुलाकात को छत्तीसगढ़ शिवसेना संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ नेतृत्व से मिले मार्गदर्शन को कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचाकर प्रदेश में संगठन को बूथ और ग्राम स्तर तक मजबूत करने तथा आम जनता से जुड़े मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहने की बात कही है।
