रक्षा बंधन पर शांति, सद्भाव और सेवा भावना का दिया संदेश।
पखांजूर भाई-बहन के पवित्र स्नेह, प्रेम और विश्वास के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, पखांजूर द्वारा परलकोट जनकल्याण सामाजिक संस्था के सदस्यों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित कर रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। इस दौरान संस्था के सदस्यों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें रक्षा सूत्र बांधा गया और समाज में प्रेम, भाईचारा, शांति एवं सद्भावना बनाए रखने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में आदरणीय बीके सामू दीदी ने परलकोट जनकल्याण संस्था के उपस्थित भाइयों का चंदन तिलक लगाकर स्वागत किया तथा विधिवत राखी बांधकर उन्हें शुभाशीष प्रदान किया। उन्होंने रक्षाबंधन पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक-दूसरे के प्रति प्रेम, सम्मान, जिम्मेदारी और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।
बीके सामू दीदी ने सभी सदस्यों से अपने जीवन में शांति, सद्भाव और सेवा भावना को अपनाते हुए समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक जीवन में सकारात्मक सोच और अच्छे संस्कारों के माध्यम से ही समाज में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक सेवा कार्यों की सराहना करते हुए सदस्यों को जनसेवा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर रक्षाबंधन की परंपरा को एक नई सार्थकता देते हुए बीके सामू दीदी ने उपस्थित भाइयों से ‘खर्ची’ के रूप में अपने जीवन की एक बुराई त्यागने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति रक्षाबंधन के अवसर पर अपने जीवन की एक बुराई छोड़ने का संकल्प ले और उसे व्यवहार में उतारे, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
परलकोट जनकल्याण सामाजिक संस्था के सदस्यों ने भी ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत एवं रक्षाबंधन कार्यक्रम के लिए आभार व्यक्त किया। सदस्यों ने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम व्यक्ति को आत्ममंथन करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम का वातावरण प्रेम, आत्मीयता और आध्यात्मिक भावनाओं से ओतप्रोत रहा। रक्षासूत्र बांधने के साथ उपस्थित सदस्यों ने समाज में आपसी भाईचारा, शांति, सद्भाव एवं सेवा की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने रक्षाबंधन पर्व को सामाजिक और आध्यात्मिक संदेश के साथ यादगार बना दिया।
