पखांजूर में चिटफंड और वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ शिवसेना (UBT) का मोर्चा, फर्जी कंपनियों पर कार्रवाई और प्रतिबंध की मांग

पखांजूर –  चिटफंड कंपनियों और कथित वित्तीय धोखाधड़ी की गतिविधियों के खिलाफ अब शिवसेना (UBT) ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने प्रशासन से ऐसी कंपनियों और संस्थाओं की गतिविधियों की जांच कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।शिवसेना (UBT) का आरोप है कि पिछले कई वर्षों में बाहरी कंपनियां और संस्थाएं ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर लोगों को बेहतर रिटर्न और आर्थिक लाभ का भरोसा दिलाती हैं। अलग-अलग निवेश योजनाओं, बीमा और अन्य वित्तीय स्कीमों के नाम पर लोगों से पैसे जमा कराए जाते हैं, लेकिन बाद में कई मामलों में कंपनियां अपना कारोबार समेटकर गायब हो जाती हैं, जिससे आम लोगों की मेहनत की कमाई फंस जाती है।संगठन का कहना है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को ऐसी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ संदिग्ध कंपनियों की गतिविधियों पर प्रशासन को लगातार निगरानी रखनी चाहिए।शिवसेना (UBT) ने मांग की है कि पखांजूर क्षेत्र में संचालित ऐसी कंपनियों की जांच कर उनके दस्तावेज और वित्तीय गतिविधियों को सत्यापित किया जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, आम जनता को भी निवेश करने से पहले कंपनी और योजना की वैधता जांचने के लिए जागरूक किया जाए।शिवसेना का साफ कहना है कि लोगों की मेहनत की कमाई के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।