परिवार से मिलकर जताई संवेदना, शिक्षक संवर्ग से भी सहयोग के लिए आगे आने की अपील
पखांजूर – कोयलीबेड़ा विकासखंड के लापता शिक्षक अशोक उर्वशा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) डी.के. शील उनके घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी ली और परिवार को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने शिक्षक की पत्नी को आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।
खंड शिक्षा अधिकारी डी.के. शील ने कहा कि शिक्षक अशोक उर्वशा के अचानक लापता होने से परिवार बेहद कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उम्मीद जताई कि लापता शिक्षक जल्द ही सकुशल अपने परिवार के बीच लौटेंगे। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में शिक्षा विभाग और शिक्षक संवर्ग उनके साथ खड़ा है।
बताया गया कि शिक्षक अशोक उर्वशा विगत माह अपने परिजनों से टहलने जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन उसके बाद से वापस नहीं लौटे। काफी समय बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों द्वारा मामले की सूचना पखांजूर थाने में देते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा भी लापता शिक्षक की तलाश लगातार की जा रही है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनके संबंध में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।ऐसे कठिन समय में शिक्षा विभाग की ओर से परिवार को आर्थिक एवं मानसिक संबल देने की पहल की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी के साथ प्रदेश शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष राजकुमार साक्षी, शिवाजी प्रसाद पाण्डेय, रीना तारम, रति राम ठाकुर, लालमन पटेल, धरमदास जोशी एवं महेश सर्फ सहित अन्य शिक्षक साथियों ने भी तत्काल सहयोग राशि एकत्रित कर पीड़ित परिवार को प्रदान की।
*शिक्षक संवर्ग से आर्थिक सहयोग की अपील*
खंड शिक्षा अधिकारी डी.के. शील एवं उपस्थित शिक्षक प्रतिनिधियों ने विकासखंड के सभी शिक्षक साथियों से अपील की कि लापता शिक्षक के परिवार की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए वे अपनी स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए यह बेहद कठिन दौर है और सामूहिक सहयोग से उन्हें इस संकट की घड़ी में कुछ राहत और संबल मिल सकता है।
शिक्षक साथियों ने भी कहा कि अशोक उर्वशा के सकुशल वापस लौटने की सभी लोग कामना कर रहे हैं। साथ ही पुलिस प्रशासन द्वारा की जा रही तलाश में जल्द सफलता मिलने की उम्मीद जताई गई। शिक्षक समुदाय ने परिवार को भरोसा दिलाया कि जब तक अशोक उर्वशा का पता नहीं चल जाता, तब तक वे परिवार के साथ खड़े रहेंगे।
