कारगिल शहीदों की स्मृति में “आमोद अरण्य” बना देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणास्रोत

एक पेड़ शहीदों के नाम – कारगिल दिवस पर हुआ वृक्षारोपण

किरंदुल – कारगिल विजय दिवस के अवसर पर दंतेवाड़ा जिले के बचेली स्थित “आमोद अरण्य” में देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला। वर्ष 2019 में पांच पर्यावरण प्रेमियों संदीप दीक्षित, सीमा दीक्षित, अमलेन्द्रू चक्रवर्ती, सुमित सरकार एवं अशोक नदी द्वारा आधा एकड़ बंजर भूमि पर “एक पेड़ शहीदों के नाम” अभियान की शुरुआत की गई थी, जो आज एक विशाल जनआंदोलन का रूप ले चुका है। हर वर्ष कारगिल दिवस पर यहां देश के वीर शहीदों की स्मृति में वृक्षारोपण किया जाता है। इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनका संरक्षण कर आने वाली पीढ़ियों तक शहीदों की स्मृतियों को जीवित रखना है।
इस अभियान को नई पहचान तब मिली जब संदीप दीक्षित की पुत्री नंदिनी दीक्षित इससे जुड़ीं। उनके प्रयासों से “आमोद अरण्य” को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। नंदिनी दीक्षित को युवा सांसद सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
कारगिल विजय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों के बीच शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा बड़ी संख्या में लोगों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी परितेश पांडे, थाना प्रभारी अर्जुन पटेल, छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ दंतेवाड़ा के जिला अध्यक्ष आज़ाद सक्सेना, बैलाडीला पत्रकार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, नगर पालिका अध्यक्ष राजू जायसवाल, भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष अमरेंद्र चक्रवर्ती सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे ।