पामेड़-रासपल्ली सड़क बनने से सुदूर ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत, आवागमन और विकास को मिली नई गति

बीजापुर – उसूर विकासखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र में स्थित पामेड़-रासपल्ली सड़क के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। वर्ष 2016-17 (बैच-2) में स्वीकृत 10 किलोमीटर लंबी इस सड़क का मुरुमीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे लंबे समय से आवागमन की समस्या झेल रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।पूर्व में यह मार्ग घने जंगलों से होकर गुजरने वाली पगडंडी था और क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील माना जाता था। पामेड़ पहुंचने के लिए ग्रामीणों को तेलंगाना के चेरला होते हुए लगभग 230 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और संसाधनों दोनों की भारी कठिनाई होती थी। सड़क निर्माण के बाद अब ग्रामीण सीधे पामेड़-रासपल्ली मार्ग से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच रहे हैं।सड़क बनने से आसपास की अंदरूनी बसाहटों के लोगों के दैनिक जीवन में उल्लेखनीय सुधार आया है। अब ग्रामीणों को हाट-बाजार, ब्लॉक मुख्यालय, अस्पताल तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिल रही है। साथ ही स्कूली बच्चों के लिए भी आवागमन आसान और सुरक्षित हुआ है।

इस सड़क का निर्माण सुरक्षा बलों के सहयोग से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पूरा किया गया। निर्माण कार्य के दौरान नक्सली गतिविधियों जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।सड़क निर्माण के परिणामस्वरूप पामेड़ एवं रासपल्ली के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी गति मिली है। बिजली, पेयजल, मोबाइल टावर जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। साथ ही ग्रामीण अब जिला मुख्यालय से जुड़कर विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं तथा समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।