कोंडागांव – प्रधान एवं जिला सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव खिलावन राम रिगारी के संरक्षक में, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव अध्याप्ति गायत्री साय, शेखावत प्रथम श्रेणी अध्यक्ष/तालुका विधिक सेवा समिति केशकाल श्रीमती सौम्या राय* के निर्देशन में कस्तूरबा गांधी आवासीय आवासीय विद्यालय, विश्रामपुरी में कानूनी एवं बच्चों की विषयगत आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य पॉक्सो एक्ट के समूह, बाल संरक्षण गृह, उनके अधिकार और किसी भी प्रकार के यौन शोषण या प्रक्षेपण की स्थिति में कानूनी सहायता और याचिका की प्रक्रिया से एकजुट समूह उन्हें समूह, समूह और समूह बनाना था।कार्यक्रम में उपस्थित श्रीमती लैला मरकाम ने छात्रों को संविधान अधिकार, बाल संरक्षण अधिकार, शिक्षा का अधिकार, बाल विवाह निषेध, बाल श्रम निषेध, लैंगिक अपराध से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम, साइबर सुरक्षा और महिला एवं बाल सुरक्षा संबंधी विभिन्न सामग्री की जानकारी दी। साथ ही कलाकारों को “गुड टच-बैड टच”, सुरक्षित एवं रिज़ाईक रिज़र्व की पहचान, किसी भी प्रकार के शोषण या प्रक्षेपण की स्थिति में बिना डर के अपने ढांचे के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए संस्थान या संबंधित अधिकारियों को प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आपातकालीन सहायता सेवाओं और विभिन्न नामांकन नंबरों के बारे में भी जानकारी दी गई और उन्हें अपने अधिकार के प्रतिनिधि, परामर्शदाता एवं जागरूकता रहने का संदेश दिया गया। विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के बारे में भी मार्गदर्शन प्रदान किया।विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य कानूनी संरचना में शामिल होना, आत्मरक्षा एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करना है और उन्हें अपने अधिकार के प्रति जागरूकता बनाना है। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों से अपने दैनिक जीवन में व्यवहार संबंधी जानकारी प्राप्त करने और अन्य बच्चों से भी इसकी प्रति साक्षात्कार करने का आग्रह किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षका श्रीमती दिव्या ध्रुव एवं समस्त स्टाफ की उपस्थिति रही।
