उचित मूल्य दुकान से लेकर स्कूल, आंगनबाड़ी और आश्रम तक पहुंचे कलेक्टर
दुर्गम पहाड़ी पर सेवाएं दे रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशामोतिन नेताम होंगी स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित
कलेक्टर ने वनांचल क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी, अधिकारियों को दिए सुधार करने के निर्देष
गरियाबंद – कलेक्टर श्री बीएस उइके ने आज जिले के सुदूर वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों के विभिन्न शासकीय संस्थानों एवं निर्माण कार्यों का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम जोबा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण कर खाद्यान्न भंडारण, वितरण व्यवस्था एवं स्टॉक पंजी का अवलोकन किया। इस दौरान राशन लेने पहुंचे हितग्राहियों से चर्चा कर राशन वितरण एवं खाद्यान्न की गुणवत्ता जांच की। जिस पर हितग्राहियों ने बताया कि उन्हें प्रत्येक माह नियमित समय पर राशन सामग्री मिल जाती है। कलेक्टर ने सेल्समेन को निर्देशित किया कि वे पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा के अनुसार समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराएं तथा वितरण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखें।कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केन्द्र नवागढ़, शासकीय प्राथमिक विद्यालय नवागढ़ एवं आदिवासी बालक आश्रम धवलपुर पहुंचकर वहां संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र नवागढ़ का निरीक्षण कर बच्चों की उपस्थिति, पूरक पोषण आहार वितरण एवं केन्द्र की साफ-सफाई का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को चॉकलेट वितरित किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से दर्ज बच्चों की संख्या, नियमित उपस्थिति तथा कुपोषित बच्चों की जानकारी ली। कलेक्टर ने बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने शासकीय प्राथमिक विद्यालय नवागढ़ पहंुचकर कर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, पाठ्यपुस्तकों एवं गणवेश के वितरण तथा शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। श्री उइके ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर बच्चों से गणित, अंग्रेजी एवं सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछकर उनका ज्ञान स्तर परखा। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ बच्चों को नैतिक, व्यवहारिक, सामाजिक शिक्षा के साथ अनुशासन एवं सामान्य ज्ञान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।श्री उइके ने आदिवासी बालक आश्रम धवलपुर में छात्रावास की व्यवस्थाओं, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, स्वच्छता, शयन व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रों से चर्चा कर उनकी पढ़ाई एवं आश्रम में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण तथा आवश्यक सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें बेहतर वातावरण में अध्ययन का अवसर मिल सके।कलेक्टर श्री बीएस उइके ने आंगनबाड़ी केन्द्र कुल्हाड़ीघाट, मटाल तथा शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम कुल्हाड़ीघाट का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार वितरण, साफ-सफाई एवं उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। छात्राओं से चर्चा कर उनकी पढ़ाई, भोजन एवं छात्रावास की व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सभी व्यवस्थाएं नियमित एवं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने भालुडिग्गी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती आशामोतिन नेताम के बेहतर कार्याें को देखते हुए स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के दिन सम्मानित करने को कहा। आशामोतिन नेताम एक मात्र शासकीय कर्मचारी है, जो 12 किलोमीटर दुर्गम पहाड़ी पैदल चढ़कर भालुडिग्गी जाती है और वहां 06 दिन निवास कर आंगनबाड़ी संचालित करती है। इसके अलावा गर्भवती माताओं को संस्थागत प्रसव कराने के लिए भालुडिग्गी से उतार कर उन्हें अस्पताल पहंुचाकर उनका प्रसव कराती है। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त लोकेश पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
