धान के साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करें, खेत के मेड़ों में मुनगा का पौधा
उत्तर कांकेर – प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेता ने रविवार को कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर में किसान संघ को संबोधित करते हुए कहा कि धान के साथ अन्य दलहन-तिलहन की भी खेती की जाए। कम पानी एवं कम लागत में अधिक उत्पाद वाली कंपनी की खेती करें, इससे पानी की बचत होगी और लाभ भी बहुत अधिक होगा। खेतों में मुनगा के पौधे की खेती के साथ ही अरहर की खेती और मिश्रित खेती को अपनाने के लिए किसानों को अनुमति दी गई, उन्होंने कहा कि खेती के साथ-साथ मछलीपालन, मछलीपालन और खेती भी की जाए। घर-घर में गाय का पालन हो, इससे घर की जरूरत भी पूरी होगी, अतिरिक्त टिप्पणी होगी, जिससे शरीर समृद्ध होगा और स्वस्थ और निरोगी रहेंगे। रासायनिक खाद के अधिकाधिक उपयोग से धरती की उर्वरा शक्ति कम हो रही है, किसान भाई जैविक खेती को अपनाएं। नील हरित खाद का उपयोग करें। सरकार किसानों को हरसंभव मदद उपलब्ध करा रही है। ऐसे किसान पिछले साल के सीजन में धान की फसल ली थी और इस साल वहां पर धान के बदले अन्य फसल लहन-तिलहन, मक्का की खेती करते हैं तो उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रति एकड़ 15 हजार सहयोगियों की सहायता दी जाएगी। कार्यक्रम में सहायक कांकेर आशाराम नेताम, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल पारदेशी सहित कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर उनके द्वारा किसानों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन और आत्मनिर्भरता दलहन-तिलहन मिशन के तहत किसानों को दलहन बीज का वितरण भी किया गया।कृषि मंत्री श्री नेताओं ने कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर में लक्ष्मी स्व सहायता समूह द्वारा किये जा रहे मिलेट शिक्षण कार्य का भी सुझाव दिया। स्व सहायता समूह की सदस्य महिलाओं से चर्चा करते हुए उन्होंने कोदो, कुटकी, रागी की सलाह एवं मार्केटिंग की जानकारी ली। समूह के सदस्यों ने बताया कि मिलेट से समूह के प्रत्येक सदस्य की प्रतिमा लगभग छह से सात हजार की होती है। मंत्री श्री नेताम ने ग्रुप की आय आय बढ़ाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र के चार चिरौंजी का पौधा लगाने के लिए भी अधिकृत किया। साथ ही मिलेट की दुकान के समय डेªस और टोपियों की सलाह भी दी। कड़कनाथ चारागाह का अवलोकन करते हुए उन्होंने कड़कनाथ पालन के लिए किसानों को प्रशिक्षण और कृषि विज्ञान के बारे में जानकारी के संबंध में जानकारी भी ली।इस अवसर पर मंत्री रामविचार नेताम, विधायक आशाराम नेताम सहित अधिकारियों ने कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में कोलाहल के उपचारों का आह्वान किया। कार्यक्रम में कृषक कांकेर निलेशकुमारवी महादेव क्षीरसागर, कृषक कृषक श्री राहुल देव, कृषक पशुधन विकास विभाग चंद्रकांत वर्मा, कृषक मत्स्यपालन नारायण सिंह नाग, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडा, कृषक कृषक डॉ. एनओएनटी रस्तोगी, कृषि वैज्ञानिक नरेद्र तायडे, उप-अध्यक्ष कृषि रस्तोगी कोमरा, पशुधन विकास विभाग के उप-अध्यक्ष डॉ. सत्यम मित्रा, सहायक अभियंता मछलीपालन एस.एस. कंवर सहित सैनिक गण मौजूद थे।
