जनजातीय गरिमा उत्सव एवं जनभागीदारी अभियान

सबसे दूर सबसे पहले अभियान अंतर्गत 345 शिविरों का आयोजन

46 हजार लोगों ने सहभागिता निभाई

महासमुंद – भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय के धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत जिले में 18 मई से 25 मई 2026 तक जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 एवं जनभागीदारी अभियान का व्यापक आयोजन किया गया। अभियान के अंतिम दिवस पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा जिला, विकासखंड एवं ग्राम स्तर के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित कर अभियान की उपलब्धियों, मैदानी अनुभवों एवं भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय उपस्थित रहे एवं सभी जनपद सीईओ वीसी के माध्यम से जुडे़ थे।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कहा कि अभियान केवल निर्धारित अवधि तक सीमित न रहकर गांवों में सतत फॉलोअप, नियमित भ्रमण, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण एवं योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों एवं जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए तथा पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान निर्मित जनविश्वास, विभागीय समन्वय एवं सकारात्मक जनसंपर्क को आगे भी निरंतर बनाए रखा जाए। बैठक में अधिकारियों द्वारा अभियान के दौरान प्राप्त अनुभवों, चुनौतियों एवं उपलब्धियों को साझा किया गया।

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय ने बताया कि अभियान के तहत पीएम जनमन योजना के 76 ग्रामों तथा धरती आबा अभियान के सभी 308 ग्रामों में सबसे दूर, सबसे पहले की अवधारणा के अनुरूप व्यापक स्तर पर 345 संतृप्ति शिविर एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में कुल 46 हजार 787 नागरिकों ने सहभागिता निभाई। शिविरों के माध्यम से अब तक 547 हितग्राहियों के आधार कार्ड बनाए गए, 467 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड तैयार किए गए तथा 42 हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा 52 हितग्राहियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया तथा 210 नए राशन कार्ड बनाए गए।

स्वास्थ्य शिविरों में 2 हजार 538 लोगों की सिकल सेल जांच की गई। साथ ही ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर बीपी एवं शुगर जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई तथा जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। महिलाओं, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों ने बड़ी संख्या में शिविरों में भागीदारी निभाई।

अभियान के अंतर्गत 21 से 23 मई तक आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के सभी विकासखंडों से कुल 4 हजार 165 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1 हजार 630 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष 2 हजार 535 आवेदनों को संबंधित विभागों को प्रेषित कर निराकरण की कार्रवाई जारी है। सभी आवेदनों का पंजीयन कर उनकी जानकारी पोर्टल में दर्ज की जा रही है।

इसी तरह 19 मई से 25 मई तक “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत गांवों में सामूहिक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सरपंच-सचिवों, मितानिनों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया गया।