गरियाबंद को मिली हाईटेक फॉरेंसिक वैन, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

गरियाबंद – अपराध जांच को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में गरियाबंद जिले को बड़ी सुविधा मिली है। अब किसी भी गंभीर अपराध या संदिग्ध घटना के बाद शुरुआती वैज्ञानिक जांच के लिए सैंपल और साक्ष्यों को लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा, क्योंकि जिले को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक साइंस वैन उपलब्ध कराई गई है।छत्तीसगढ़ सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत संचालित राज्य फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), रायपुर द्वारा जिले को यह “लैब ऑन व्हील्स” दी गई है। सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष रिखी राम यादव, नगर पालिका उपाध्यक्ष लालिमा ठाकुर, कलेक्टर बी.एस. उइके और पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर की मौजूदगी में इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।यह वैन घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू कर सकेगी। इसमें साक्ष्य सुरक्षित रखने, जैविक नमूने इकट्ठा करने, फिंगरप्रिंट लेने, डिजिटल डेटा जांचने और घटनास्थल का तकनीकी दस्तावेजीकरण करने के लिए कई आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।वैन में सुरक्षा एवं प्रारंभिक जांच किट, जैविक साक्ष्य संग्रह किट, फिंगरप्रिंट डेवलपमेंट सिस्टम, फुटप्रिंट और टायर मार्क जांच उपकरण, बैलिस्टिक जांच किट, गैस डिटेक्शन सिस्टम, मोबाइल डेटा एक्सट्रैक्शन टूल और डिजिटल फॉरेंसिक उपकरण शामिल किए गए हैं।

इसके अलावा DSLR कैमरा, लैपटॉप, थर्मल प्रिंटर, बारकोड स्कैनर और बॉडी वॉर्न कैमरा जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं, जिससे जांच प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड रखा जा सके।अधिकारियों के अनुसार इस हाईटेक व्यवस्था से घटनास्थल पर ही साक्ष्य सुरक्षित रूप से एकत्र किए जा सकेंगे, जिससे जांच की गुणवत्ता बढ़ेगी और अदालत में मजबूत साक्ष्य पेश करने में मदद मिलेगी। इसका सीधा असर अपराधियों को सजा दिलाने और निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया पर पड़ेगा।गरियाबंद पुलिस का कहना है कि “घटनास्थल से न्याय तक” की इस नई पहल से जिले में अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी।