बीजापुर – महिला एवं बाल विकास विभाग के सतत प्रयासों, समुदाय के सहयोग तथा परिवार की सक्रिय भागीदारी से विकासखंड भोपालपटनम के सेक्टर संड्रा अंतर्गत ग्राम पीलूर की एक वर्षीय बालिका शान्वी मड़े ने गंभीर कुपोषण से उबरकर सामान्य श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है।
प्रारंभिक स्थिति- शान्वी की माता श्रीमती सरिता मड़े ने बताया कि बच्ची का स्वास्थ्य कमजोर था तथा उसका वजन आयु के अनुसार काफी कम था। प्रारंभिक जांच में शान्वी गंभीर कुपोषण की श्रेणी में पाई गई। जिनका प्रारंभिक वजन 7.900 किलोग्राम था जो कि वर्तमान में वजन 9.200 किलोग्राम और ऊँचाई 70.2 सेंटीमीटर आयु 1वर्ष है।
समझाइश और परामर्श- प्रारंभ में परिवार बच्ची को एनआरसी (Nutrition Rehabilitation Centre) ले जाने के लिए तैयार नहीं था। इस स्थिति में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा लगातार गृह भेंट कर परिवार को संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक आहार तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में समझाया गया।
परियोजना अधिकारी श्रीमती कल्पना रथ एवं सेक्टर सुपरवाइजर कु. उजाला बंजारे ने भी स्वयं गृह भ्रमण कर परिवार को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
एनआरसी में भर्ती- परिवार की सहमति मिलने पर शान्वी को 2 अप्रैल 2026 को एनआरसी में भर्ती कराया गया, जहाँ उसे चिकित्सकीय देखरेख के साथ विशेष पोषण आहार एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया गया।
त्वरित सुधार– एनआरसी में उपचार तथा घर लौटने के बाद नियमित पोषण परामर्श और देखभाल के परिणामस्वरूप शान्वी के वजन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और उसका स्वास्थ्य लगातार बेहतर होता गया।
प्रेरणादायक उपलब्धि- आज शान्वी गंभीर कुपोषण से पूरी तरह उबरकर सामान्य श्रेणी में पहुँच चुकी है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि समय पर पहचान, सही परामर्श, संस्थागत उपचार और परिवार के सहयोग से कुपोषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
संदेश- स्वस्थ बचपन, खुशहाल भविष्य- शान्वी की सफलता की कहानी न केवल उसके परिवार के लिए खुशी का कारण है, बल्कि क्षेत्र के अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणा है कि सही देखभाल और पोषण से हर बच्चा स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ सकता है।
