बीजापुर/ रायपुर: – छत्तीसगढ़ सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए इससे जुड़े सभी कर्मचारियों और प्रबंधकों को ‘अत्यावश्यक सेवा’ के दायरे में घोषित कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि कोई भी कर्मचारी या प्रबंधक अपने निर्धारित कार्य से इंकार नहीं कर सकेगा।
सरकार द्वारा 29 अप्रैल 2026 को जारी आदेश में बताया गया है कि तेंदूपत्ता संग्रहण, विपणन और भंडारण कार्य राज्य के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए इस पूरे सीजन के दौरान कार्य बाधित न हो, इसके लिए यह कदम उठाया गया है।
हड़ताल की चेतावनी के बाद फैसला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधक संघ द्वारा अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की चेतावनी दी गई थी। इसके चलते शासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए यह आदेश लागू किया, ताकि करोड़ों के तेंदूपत्ता व्यापार पर असर न पड़े
⚖️ कानून के तहत लागू आदेश
यह आदेश छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 के तहत जारी किया गया है। इसके तहत—
सभी संबंधित कर्मचारियों को अत्यावश्यक सेवा में कार्यरत माना जाएगा
किसी भी प्रकार से कार्य से इंकार करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा
*तीन महीने तक रहेगा प्रभावी*
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से तत्काल प्रभाव से लागू होगा और तीन महीने की अवधि तक प्रभावी रहेगा।
इस फैसले से तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य सुचारू रूप से जारी रहेगा और संभावित हड़ताल या अवरोध से राज्य के राजस्व पर पड़ने वाले असर को रोका जा सकेगा।
इससे पहले ही कर्मचारियों और प्रबंधकों द्वारा 8 सूत्रीय मांगों को लेकर 27 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का संकेत दिया गया था।
