कोंडागांव – राज्य शासन के निर्देश जिलों में “ज्ञान भारतम् अभियान” के तहत पांडुलिपि (हस्तलिखित ग्रंथ) सर्वेक्षण कार्य जारी है। इसी क्रम में डॉक्टर श्रीमती नूपुर ऋषि पन्ना द्वारा आज बड़े ग्राम कनेरा का भ्रमण किया गया। इस दौरान डॉक्टर श्रीमती पन्ना ने बड़े पैमाने पर ग्राम कनेरा निवासी श्री रामूराम यादव के घर पर लगभग 150 वर्ष पुरानी उड़िया भाषा में लगभग 08 प्राचीन परंपराओं का डिजिटलीकरण लिखा। उन्होंने श्री यादव से इन पुरालेखों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उन्हें संरक्षित रखने के लिए अभिलेखों की जांच की।डॉक्युमेंट्री असिस्टेंट पन्ना ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के पास प्राचीन पांडुलिपियां उपलब्ध हैं, तो जिला प्रशासन को जानकारी सुनिश्चित करें, ताकि उनकी सुरक्षा और डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही उन्होंने नागरिकों से भारत शासन की इस महत्वपूर्ण पहल “ज्ञान भारतम् अभियान” में सक्रिय भूमिका निभाई।उल्लेखनीय है कि “ज्ञान भारतम् अभियान” भारत सरकार का एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य देश की प्राचीन हस्तलिखित मूर्तियों का संरक्षण, डिजिटलीकरण एवं ज्ञान-विज्ञान के रूप में पुनर्जीवन करना है। इस अवसर पर ज्ञान भारतम मिशन के जिला मुख्यालय अधिकारी डिप्टी एवं रजिस्ट्रार शंघाई पोया, सरपंच प्रकाश चुरगिया सहित ग्राम के वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
