कोंडागांव – कोंडागांव जिले में ‘अंगना में शिक्षा’ कार्यक्रम के तहत शनिवार को जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों में ‘पढ़ाई तिहार’ का व्यापक आयोजन किया गया। यह प्रोग्राम ऑर्गेनाइजेशन श्रीमती नूपुर राशी पन्ना के निदेशक और जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान जिला एवं मिशन समन्वयक श्री एमल बडैल के नेतृत्व में शामिल हुए।
शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के पांचों विकासखंड क्रिकोंडागांव, माकड़ी, फरसगांव, बड़े राजपुर और केशकाल की कुल 1252 प्राथमिक शालाओं में आयोजित इस कार्यक्रम में 48,372 छात्र-छात्राएं, 2,754 शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में माताएं और अभिभावक शामिल हुए। पूरे जिले में उत्साहपूर्ण वातावरण के साथ शिक्षा को जनआंदोलन का रूप दिया गया।
‘अंगना में शिक्षा’ पहले क्या है?
‘अंगना में शिक्षा’ एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों को घर और बच्चों के माहौल में सरल, सहज और आनंददायक तरीके से शिक्षा प्रदान करना है। इस अभियान में बोलेरो की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है, ताकि वे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में सहयोग कर सकें। इससे बच्चों की दर्शनीय वस्तुएं एवं वास्तविक गणना कौशल (एफएएलएन) की स्थापना होती है और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार होता है।
‘पढ़ाई तिहार’ से बढ़ रही जागरूकता
‘पढ़ाई तिहार’ के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता, नवाचार एवं शिक्षण पद्धतियों का प्रदर्शन किया गया। इससे समुदाय में शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता भव्यता और नींव की इमारतें मजबूत हुईं।
मॉनिटरिंग और ऑफ़लाइन प्रवेश
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, स्रोत समन्वयकों, संकुल कार्यशालाओं एवं समन्वयकों के साथ-साथ स्टॉकजी एवं बीआरजी टीम का सतत निरीक्षण किया गया। साथ ही राज्य स्तर पर लिंक के माध्यम से ऑफ़लाइन प्रवेश का कार्य भी प्राप्त किया गया।
इस बार गए प्रमुख बदलाव
इस साल ‘पढ़ाई तिहार’ में हुए हैं कुछ अहम बदलाव। हल्दी गर्मी को देखते हुए कार्यक्रम की तारीख 25 अप्रैल, स्थान 11 अप्रैल निर्धारित किया गया। समर कैंप अब स्कॉलरशिप में न बेकरी घर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें भोजनालय की भूमिका प्रमुख रहेगी।
समर कैंप में तीन प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है, जिसमें ब्लैकबोर्ड कॉर्नर के अंतर्गत घर में बच्चों के लिए छोटा ब्लैकबोर्ड या लेखन कोना तैयार करके उन्हें नियमित अभ्यास के लिए अनुमोदित किया जाएगा। बच्चों में दूसरा अनुशासन और स्वच्छता की आदत विकसित करने के लिए यूनिफॉर्म का महत्व पर जोर दिया जाएगा और तीसरा ओ ओ राशन और स्वच्छता जागरूकता के तहत गर्मी में डायहाइड्रेशन से बचाव के लिए ओ रिजर्व, नारियल पानी, नींबू पानी और नियमित जल सेवन की आदत विकसित की जाएगी।
समर कैंप के ऑपरेशन की ज़िम्मेदारी ‘स्मार्ट माता’ को नामित किया गया है, जो घर पर ही बच्चों के शैक्षणिक सहयोग का संचालन करती है। इस कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी कोंडागांव समग्र शिक्षा के पेडागोजी राष्ट्रपति श्रीनिवास नायडू (एपीसी) द्वारा दी गई।
