( जिला भाजपा संगठन की ओर लगी भाजपाई और कांग्रेसी नेताओं की नज़र )
(भाजपा जिला संगठन के लिए गले में फंसी हड्डी बना निर्णय )
किरंदुल — लोह नगरी किरंदुल में बढ़ती गर्मी के बीच चल रहे हाइवोल्टेज ड्रामे का अंत होता नजर नहीं आ रहा है । उल्लेखनीय हैं कि विगत सप्ताह भर पूर्व नगर पालिका परिषद किरंदुल की अध्यक्ष रूबी सिंह के पति और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह को दंतेवाड़ा विधायक चेतराम अट्टामी ने किरंदुल नगर पालिका परिषद में अपने विधायक प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया था । परंतु जैसे ही शैलेंद्र सिंह की नियुक्ति हुई तुरंत ही कांग्रेसी पार्षदों और ब्लॉक कांग्रेस किरंदुल ने नियुक्ति का विरोध करते हुए कलेक्टर हो ज्ञापन सौप इस नियुक्ति को नियम विरुद्ध बता कर विरोध किया था ।बढ़ते विवाद के बीच शैलेंद्र सिंह ने बड़ा राजनेतिक फैसला लेते हुए खुद ही पद छोड़ने का ऐलान कर पद से इस्तीफा देने की बात कहकर इस हाई वोल्टेज राजनेतिक ड्रामे को खत्म करने की कोशिश की थी ।परंतु सियासी नज़र के हिसाब से किरंदुल नगर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच दुप्पटा ओढ़ होटलों में मट्ठे और लस्सी का मजा लेते चल रही सियासी बातों के बीच इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि पूर्व पालिका अध्यक्ष और वर्तमान विधायक प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह ने मीडिया में अपने पद से इस्तीफा का ऐलान तो कर दिया । परंतु क्या वाकई में शैलेंद्र सिंह ने भाजपा जिला संगठन को अपना इस्तीफा सौपा हैं और अगर इस्तीफा सौपा हैं तो भाजपा जिला संगठन क्या उसको मंजूर करेगा या नामंजूर कर खारिज कर देगा । सियासी नज़र के हिसाब से दोनों ही पहलुओं में निर्णय लेना पार्टी के लिए गले में फंसी हड्डी के समान होगा ।
