प्रधानमंत्री “नरेंद्र मोदी जी” ‼️आपका सपना छत्तीसगढ़ में हो रहा चकनाचूर , गांव से गांव जोड़ने के बजाय गांव पंहुचने से पहले ही सड़के गायब , अब तक 2000 करोड़ की सड़कों में हुआ भ्रष्टाचार 

 बीजापुर के पिटे – तुंगोली की सड़क कागजों में 13 KM , जमीनी हकीकत 5 KM! , 8 पुलिये भी गायब

क्या PMGSY बना “बिना कार्य किये सरकारी राशि गबन करने ” की योजना?

बीजापुर – प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बीजापुर में करोड़ों का खेल उजागर होता दिख रहा है। कागजों में 13 किलोमीटर सड़क और 8 पुलिया का निर्माण पूरा दिखाकर भुगतान निकाल लिया गया, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है।

* बोर्ड और पोर्टल ने खोली पोल*

मौके पर लगे विभागीय बोर्ड में साफ दर्ज है —
➡️ लंबाई: 13 KM
➡️ पुलिया: 08
वहीं विभागीय पोर्टल बताता है —
➡️ Target: 13 KM
➡️ Completed: 8.5 KM
लेकिन हकीकत:
👉 करीब 5 KM सड़क ही मौजूद
👉 कई हिस्सों में सड़क अधूरी या गायब
👉 पुलिया का अस्तित्व संदिग्ध

* द हंगल कंस्ट्रक्शन कंपनी पर गंभीर सवाल*

इस पूरे निर्माण कार्य को द हंगल कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा अंजाम दिया गया बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है—
❗ अधूरा काम होने के बावजूद भुगतान कैसे हुआ?
❗ क्या कंस्ट्रक्शन कंपनी और अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी माप दर्ज की गई?
💥 आधा काम, करोड़ो का भुगतान — किसके इशारे पर खेल?
❗ पूरी राशि किस अधिकारी पास की?
❗ माप पुस्तिका (MB) में फर्जी एंट्री किसने की?
❗ जांच से अब तक बचाव क्यों?

*ग्रामीणों का फूटा गुस्सा*

“सड़क कहीं बनी ही नहीं, कहीं उखड़ रही है… पुलिया सिर्फ कागज में है। पैसा ऊपर से नीचे तक बंट गया।”
*⚠️ स्पष्ट भ्रष्टाचार के संकेत*

🔴 13 KM का दावा — जमीन पर मात्र 5km
🔴 8 पुलिया — कई गायब
🔴 घटिया निर्माण और निगरानी शून्य
🚨 जांच नहीं तो आंदोलन तय

*ग्रामीणों ने चेतावनी दी है—*

👉 दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा
👉 कंपनी, इंजीनियर और अधिकारियों पर FIR की मांग
*🔴 विकास के नाम पर खुला खेल*

PMGSY जैसी योजना, जो गांवों को जोड़ने के लिए बनी थी, अब
👉 कागजों में विकास
👉 जमीन पर भ्रष्टाचार
का उदाहरण बनती जा रही है।