अधिकार अभिलेख से बैबाल्ट होगे नागरिक, धमतरी में मानचित्र परियोजना की समीक्षा
धमतरी – शहरी भूमि अभिलेखों के अद्यतिकरण, नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सुव्यवस्थित शहरी उद्देश्यों के उद्देश्य से शासन द्वारा संचालित ‘नक्शा परियोजना’ के अंतर्गत नगर पालिक निगम धमतरी को पायलट परियोजना के रूप में शामिल किया गया है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत नगर के 40 वार्डों को 12 क्षेत्रों में विभाजित कर राजस्व विभाग, निगम अमले एवं सर्वेक्षणकर्ताओं के माध्यम से विस्तृत सर्वेक्षण कार्य जारी है।
परियोजना के तहत प्रत्येक संपत्ति का भौतिक सत्यापन कर अद्यतन अभिलेख तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में संपत्ति में कमी आएगी और नागरिकों को अपने मकान, दुकान और उत्पादों के स्पष्ट अधिकार अभिलेख प्राप्त हो जाएंगे। यह सबसे पहले शहर के सुवैज्ञानिक विकास, कर संग्रहण में सहायक उपकरण और संरचना संरचनाओं के बेहतर विस्तार में भी सिद्ध होगा।
सर्वेक्षक के निर्देश पालसा के निर्देश-पत्र में आयुक्त नगर निगम निगम एवं क्षेत्रीय स्तर पर आ रही व्यावसायिक निगम एवं क्षेत्रीय स्तर पर समीक्षा की गई।
इस दौरान देनदारियों का दायरा नहीं करने वाले बैठक में 3 पार्टियाँ, 3 पार्टियाँ और 100 करोड़पति स्तर के अधिकारियों के खिलाफ “करन नोटिस” जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी दल सहायकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सर्वेक्षण दल द्वारा कार्य की सतत निगरानी करें तथा दैनिक प्रगति प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।
कमिश्नर, नगर निगम निगम प्रिया गोयल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मानचित्र परियोजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए वार्डवार शिविर का आयोजन कर नागरिकों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर अधिकार अभिलेख रैली की प्रक्रिया को तेज किया जाए। साथ ही एक विस्तृत कैनवास तैयार करने के लिए सामिटाइट साइंटिस्ट का जोर दिया गया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सर्वेक्षण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड फील्ड और तकनीकी सहायता को नियुक्त किया जाएगा। डिजिटल माध्यमों के उपयोग के अभिलेखों को सुरक्षित एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
कमिश्नर नगर निगम द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे सर्वेक्षण दल की सहायता से आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि किए गए शिविर स्थल पर उपलब्ध आवास और अपने शहर के अधिकार अभिलेखों को दर्ज करें, ताकि त्रुटि रहित अद्यतन और राजस्व अभिलेखों की तैयारी की जा सके।
यह परियोजना न केवल नागरिकों को उनकी संपत्ति के अधिकार के प्रति विपणन बनाती है, बल्कि धमतरी शहर को एक आधार, स्थिर और आधुनिक शहरी प्रशासन की दिशा में अतिक्रमण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
