किरंदुल -छत्तीसगढ़ की सियासत में एक नया और बड़ा मोड़ सामने आया है। प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए सख्त निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब वे सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं के साथ किसी भी मंच, कार्यक्रम या सार्वजनिक आयोजन में शामिल नहीं होंगे।
जारी आदेश के अनुसार, कांग्रेस के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता ऐसे किसी भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखेंगे, जहां भाजपा नेताओं की मौजूदगी हो। पार्टी ने इसे अनुशासन का अहम हिस्सा बताते हुए निर्देश का पालन अनिवार्य कर दिया है।
यह आदेश रायपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष पप्पू बंजारे की ओर से जारी किया गया है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
इधर, इस आदेश के बाद किरंदुल के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जहां एक ओर कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी है, वहीं भाजपा की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं। विदित हो कि इस आदेश के बाद किरंदुल पालिका क्षेत्र के कांग्रेसी जनप्रतिनिधियों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में भी खलबली मची हुई है क्योंकि विदित है कि किरंदुल पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर भाजपा के टिकट से निर्वाचित हुई भाजपाई पालिकाध्यक्ष के साथ कई कार्यक्रमों में कांग्रेसी पार्षदों की शिरकत देखी जाती रही है । कांग्रेस के इस आदेश के बाद किरंदुल पालिका परिषद की वार्ड नं 15 की लोकप्रिय और कई बार की पार्षद मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम सकती हैं ।
