गरियाबंद – छुरा विकासखण्ड के दादर गांव में जन्मे छोटे से बच्चे ओमेश यादव के जीवन की शुरुआत एक बड़ी चुनौती के साथ हुई। जन्म से ही कटे होंठ की समस्या ने परिवार को चिंता में डाल दिया। पिता राकेश यादव और माता सुरेखा यादव के लिए यह समय बेहद कठिन था। उनके घर की स्थिति कमजोर होने के कारण वे अपने बच्चे का ऑपरेशन का नहीं करा पा रहे थे। कलेक्टर श्री बीएस उइके के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमलों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कर गंभीर रूप से विकृत बच्चों का चिन्हांकन किया था। इसके उपरांत जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालय में विगत वर्ष मेगा हेल्थ शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें
जिसमें जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञों एवं रायपुर के निजी चिकित्सालय के विशेषज्ञों द्वारा गंभीर कुपोषित बच्चों, हार्ट मरीज के बच्चे, कटे-फटे होंट वाले बच्चे एवं अन्य जटिल बिमारियों से ग्रसित बच्चों का मेगा हेल्थ शिविर में लाकर उनका उपचार किया गया। इसके अलावा गंभीर रूप से ग्रसित बच्चों को रायपुर के निजी चिकित्सालय में उपचार के लिए भेजा गया।
रायपुर के निजी चिकित्सालय के विशेषज्ञों की देखरेख में दादरगॉव के ओमेश का सफल ऑपरेशन किया गया। जिससे ओमेश को एक नई जिंदगी और मुस्कान मिली। अब वह सामान्य बच्चों की तरह स्वस्थ जीवन जीने की ओर अग्रसर है। आज ओमेश की मुस्कान न सिर्फ उसके परिवार के लिए खुशी का कारण है, बल्कि यह प्रशासन की संवेदनशीलता है।
नन्हे ओमेश यादव के कटे होंठ का सफल ऑपरेशन बना नई उम्मीद
प्रशासनिक पहल और चिकित्सकों ने उपचार से बदली मासूम की जिंदगी
छुरा विकासखण्ड के दादर गाँव में लौटाई ओमेष की मुस्कान
