डॉक्टर ने निर्दिष्ट दिशानिर्देश, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर दिया
धमतरी – कलेक्टर अविनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आज स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलों में विभिन्न पदों की समीक्षा, पोषण स्तर, इंडोनेशियाई कार्यालयों और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा की गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान रजिस्ट्रार श्री मिश्रा ने बच्चों एवं बाल विकास विभाग के संचालन, बच्चों एवं बाल विकास विभाग के पोषण स्तर और दिव्यांग पोर्टलों में नियमित एवं शुद्ध निगम सुरक्षा करने के निर्देश दिए। शहरी क्षेत्र में वयस्कों के लिए दस्तावेजों में बच्चों की कम उपस्थिति पर उन्होंने पर्यवेक्षकों को नियमित एवं प्रभावी निरीक्षण करने और दस्तावेजों में सुधार लाने के निर्देश दिए।
कुरुद क्षेत्र के वकील में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) विकलांगता पर चिंता की मांग की गई है, कलेक्टर ने संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पोषण मूल्य के प्रत्येक बिंदु की गहन समीक्षा करते हुए पोषण स्तर में प्रतिमाह हो रहे उत्प्रेरण-असंतुलन पर असंतोष और अस्थिरता वाले शैक्षणिक पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने चिरायु टीम के सहयोग से स्थापित कर बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही “सुपोषित धमतरी अभियान” के प्रभावशाली प्रचार-प्रसार के लिए वीडियो एवं अन्य माध्यमों से जनजागरूकता संवर्धन के निर्देश दिये गये हैं। मातृ वंदना योजना में लक्ष्य स्थान के आधार पर जिले के राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर उन्हें संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति मिलती है।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग की सिफारिश की समीक्षा करते हुए डॉक्टरों ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच एवं सुधार में सुधार लाने के निर्देश दिए। विशेष रूप से ग्रामीण एवं रेगिस्तानी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की सुरक्षा पर ज़ोर दिया गया।
जिलों के भंडार एवं पात्रता स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शीघ्र सूची कार्य शुरू किया जा सके।
उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की पूछताछ पर सक्रिय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण, उच्च जोखिम समूह, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), शिशु संरक्षण माह सहित अन्य जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावशाली विशेषज्ञों पर विशेष ध्यान दिया गया।
रजिस्ट्रार श्री मिश्रा ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं में सुधार जिला प्रशासन का सर्वोच्च कर्तव्य है और इसमें किसी भी प्रकार का प्रवेश नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी को एकजुटता के साथ काम करने के लिए निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य की मंजूरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में डिप्टी रजिस्ट्रार एवं सहायक स्टाफ अधिकारी श्रीमती इमेजरी ध्रुव, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती जगरानी एक्का, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू. एल. कस्प, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रिय कवर, जिला टीकाकरण अधिकारी जे. पी. विविध सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही, जिलों के चारों ओर विकासखंडों से अधिकारी एवं पर्यवेक्षक ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।
