दंतेवाड़ा – आदिवासी ग्रामीण गरीब परिवारों को संजीवनी 108 एंबुलेंस की सेवा फागुन मेला और होली के पर्व पर एंबुलेंस की सेवा नहीं मिल पा रही है जो की इमरजेंसी सड़क दुर्घटना होने के कारण पर्सनल अपने साधन से ले जाया जा रहा है। संजीवनी 108 के कर्मचारी नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि गाड़ी नंबर सीजी 04 म 1856 टायर नहीं होने के वजह से अस्पताल परिसर में पिछले चार दिनों से खड़ी है सीएससी कुआ कोंडा में पिछले 1 वर्ष से 108 एंबुलेंस नहीं है जिले में कुल 6 एंबुलेंस संचालित होती है जिसमें वर्तमान में मात्र दो एंबुलेंस ही सही है चार गाड़ियां खराब है जिससे आम जनता को सुविधा नहीं मिल पा रहा है
वर्तमान में जिला अस्पताल में तीन एंबुलेंस आवंटित है जिसमें एक भी गाड़ियां नहीं चल रही है कटे कल्याण की 108 एंबुलेंस को दंतेवाड़ा में चलाया जा रहा है मतलब कटेकल्याण में भी 108 एंबुलेंस नहीं है मेला मड़ई एवं त्योहार के दिन भी जिले में मात्र दो एंबुलेंस थी जिस वजह से लोगों को समय पर सुविधा नहीं मिल पाई क बताते चले कि कुम्हार रास डोंगरी पर के पास एक सड़क दुर्घटना में मुन्ना पिता गुड्डी नेतापुर सरपंच पर निवासी को भी 108 की सुविधा नहीं मिल पाई उन्होंने बताया कि 108 में आधे घंटे तक लगातार फोन पर कोई जवाब नहीं दिए जिले में 108 सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले के जिला प्रबंधक 108 वर्तमान में दंतेवाड़ा जिला की जिला प्रभारी श्री हेमराज सिंह ठाकुर है की जिम्मेदारी रहती है सही समय पर गाड़ियों की मेंटेनेंस की अभाव में गाड़ियां खड़ी है और पायलट कर्मचारियों को कार्य से मुक्त किया जा रहा है सैलरी भी सही समय पर नहीं दिया जा रहा है और दिया भी जा रहा है तो काट काट कर दिया जा रहा है सभी कर्मचारी परेशान है कर्मचारियों ने बताया कि पायलट के अभाव से भी गाड़ियां नहीं चल पा रही है उन्होंने बताया कि 108 के लगभग सभी कर्मचारी बाहर जिलों से आए हैं और यहां पर कमरा किराए पर लेकर रहते हैं और जैसे सैलरी काटी जा रही है उसे हिसाब से उनका रूम का किराया देने में दिक्कत हो रही है उनकी रोजमर्रा की खाने-पीने की समान उनके पास नहीं है बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिम्मेदार अधिकारियों वह बार-बार शिकायत करने पर भी किसी तरह कोई कार्यवाही नहीं की जा रही कर्मचारी प्रातः के शिकार हैं साथ-साथ आम जनता भी परेशान है क्योंकि उनको 108 की सुविधा नहीं मिल पा रही है सभी गाड़ियां जर्जर हो चुकी है 4 से 5 लाख किलोमीटर चल चुकी है कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर एंबुलेंस सेवा दे रहे हैं उन्होंने यह भी बताया कि किसी तरह किसी को बाहरी व्यक्ति को 108 सेवा की अंदरूनी जानकारी देने पर उन्हें नौकरी से निकाला जाता है उनके ऊपर दबाव बनाया जाता है।
