सीख
कुछ लोगों को भ्रम होता है कि
वे सब कुछ जानते है
और उनका यही भ्रम उन्हें
नया सीखने वा आगे बढ़ने से
रोक रहा होता है
यदि कुछ पाना है तो
कुछ नया सीखना होगा
बहुत कुछ जानना होगा
इसके लिए आवश्यक है कि
अपने मन रूपी पात्र को स्वच्छ करें
बिलकुल ख़ाली करे
विषय,विकार,क्रोध,द्वेष,अहंकार को
मन में रखकर
कुछ भी ग्रहण नहीं किया जा सकता है
यदि आप भी सोचते है कि
सब कुछ,जानता हूं मैं
तो आप कुछ भी नया
नही सीख पाएंगे
बेहतर यही होगा कि
कभी भी समय को
व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए
आज का काम
कल पर,कभी न टाले
जीवन की असफलताओं को भी
एक सबक के तौर पर लें
गलतियां तो,सभी से होती है
किंतु व्यक्ति को चाहिए कि
उन गलतियों से सबक लेकर
और उनमें सुधार करके
निरंतर आगे बढ़ता रहें
हजारों फूल चाहिए
माला बनाने के लिए
हजारों दीप चाहिए
आरती सजाने के लिए
पर,समय का सदुपयोग ही काफी है
जिंदगी को सजाने के लिए
